मध्य प्रदेश के भोपाल में दतिया में पदस्थ एक ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर की कथित हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद आरोपी ने भी घटनास्थल से कुछ दूरी पर आत्महत्या कर ली। सोमवार को पुलिस अधिकारियों ने मामले की जानकारी दी। फिलहाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों के बीच करीब सात से आठ साल से जान-पहचान होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और इसके पीछे क्या वजह थी।
दतिया से दो दिन पहले भोपाल पहुंचे थे अधिकारी
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक महिला ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसके साथ रहने वाले व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। मृतक दतिया में ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे और घटना से करीब दो दिन पहले ही दतिया से भोपाल आए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस व्यक्ति पर हत्या का आरोप है, उसने भी घटनास्थल से कुछ दूरी पर जाकर आत्महत्या कर ली।
घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला आरोपी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम ने पूरे इलाके की जांच की। इसी दौरान कथित आरोपी के आत्महत्या करने की जानकारी सामने आई। फिलहाल पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंध और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक मृतक और आरोपी एक-दूसरे को करीब सात से आठ वर्षों से जानते थे। हालांकि, दोनों के बीच किस तरह का संबंध था और हाल के दिनों में उनके बीच किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और अलग-अलग पहलुओं से जांच की जा रही है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह और पूरा घटनाक्रम जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर की हत्या किन परिस्थितियों में हुई और इसके बाद आरोपी ने आत्महत्या क्यों की। दोनों की वर्षों पुरानी पहचान को देखते हुए जांच में उनके आपसी संबंधों और हाल की गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मामले की जांच जारी है।
ANI Input
ये भी पढ़ें: 'इस सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए', इंदौर में राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' में क्या क्या कहा