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इंदौर में कारोबारी को लूटने वाले दो पुलिसकर्मी नौकरी से बर्खास्त, जेल भेजे गए

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Feb 14, 2026 12:56 pm IST,  Updated : Feb 14, 2026 01:00 pm IST

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में लूट के एक मामले में दो पुलिस कांस्टेबल को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों को जेल भी भेज दिया गया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच के बाद की गई।

कारोबारी को लूटने वाले दो पुलिसकर्मी नौकरी से बर्खास्त- India TV Hindi
कारोबारी को लूटने वाले दो पुलिसकर्मी नौकरी से बर्खास्त Image Source : REPORTER

इंदौर के पलासिया रिंग रोड क्षेत्र में लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच के बाद की गई है, जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले में डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक ने पुष्टि करते हुए बताया कि एमआईजी थाना में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 3512 अविनाश चंद्रवंशी और आरक्षक क्रमांक 2217 मनोज मालवीय को शुक्रवार को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने दो साथियों सोहेल और नावेद के साथ मिलकर एक व्यापारी से लूट की वारदात को अंजाम दिया।

व्यापारी से की थी लूटपाट

जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने अब्दुल फहद नामक व्यापारी को निशाना बनाया था। आरोप है कि चारों ने मिलकर व्यापारी से करीब 2 लाख रुपए नकद और 4500 यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) जबरन ट्रांसफर कराई थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तुरंत जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में पहले सोहेल और नावेद को आरोपी बनाया गया था।

पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच की गई

इसके बाद पुलिस को संदेह हुआ कि इस वारदात में पुलिसकर्मियों की भी भूमिका हो सकती है। गहन जांच और सबूत मिलने के बाद दूसरे दिन आरक्षक अविनाश चंद्रवंशी और मनोज मालवीय को भी आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए थे। बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मियों पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते विभाग पहले से ही उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए था। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

डीसीपी ने कही ये बात

डीसीपी कुमार प्रतीक ने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी कर्मचारी द्वारा कानून का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की छवि खराब करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने शहर में पुलिस की विश्वसनीयता पर असर डाला है, वहीं प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई बिना भेदभाव के की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही है।

रिपोर्ट- भारत पाटील, इंदौर 

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