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'अबू सलेम एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी, उसे केवल दो दिन की पैरोल दी जा सकती है', कोर्ट में बोली महाराष्ट्र सरकार

 Published : Jan 13, 2026 04:52 pm IST,  Updated : Jan 13, 2026 04:59 pm IST

नासिक जेल में सजा काट रहा गैंगस्टर अबू सलेम ने कोर्ट से 14 दिन की पैरोल मांगी है। अबू सलेम ने कहा कि उसके भाई की मौत हो गई है। इसलिए उसे अपने परिजनों से मिलने आजमगढ़ में स्थित अपने गांव जाना है।

गैंगस्टर अबू सलेम - India TV Hindi
गैंगस्टर अबू सलेम Image Source : PTI

महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को बंबई हाई कोर्ट को बताया कि 1993 के मुंबई बम धमाका मामले में दोषी गैंगस्टर अबू सलेम एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी है। उसे पुलिस सुरक्षा के साथ केवल दो दिन की आपातकालीन पैरोल दी जा सकती है। सलेम ने अपने बड़े भाई की मृत्यु का हवाला देकर 14 दिन की पैरोल मांगी थी। 

14 दिन की पैरोल संभव नहीं- लोक अभियोजक 

लोक अभियोजक मनखुवर देशमुख ने कहा कि 14 दिन की पैरोल संभव नहीं है क्योंकि सलेम एक 'अंतरराष्ट्रीय अपराधी' है। देशमुख ने कोर्ट से कहा, 'जेल अधिकारियों ने कहा है कि उसे पुलिस सुरक्षा के साथ केवल दो दिन की पैरोल दी जा सकती है, जिसका खर्च वह खुद उठाएगा।'

दो दिन की पैरोल काफी नहीं - अबू सलेम की वकील

सलेम की वकील फरहाना शाह ने कहा कि दो दिन की पैरोल काफी नहीं होगी क्योंकि उसे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जाना है। वकील शाह ने कहा, 'पुलिस सुरक्षा की भी जरूरत नहीं है। वह दो दशक से अधिक समय से जेल में है और आपात पैरोल मांग रहा है।' उन्होंने कहा कि सलेम भारतीय नागरिक है। 

अगले हफ्ते तक स्थगित है मामले की सुनवाई

न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम चंडक ने सरकार को एक हलफनामा दाखिल करके सलेम को 14 दिन की पैरोल देने से संबंधित चिताओं के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी गई है। 

नवंबर में भी मांगी थी पैरोल

सलेम ने पिछले साल दिसंबर में याचिका दायर कर अपने बड़े भाई अबू हाकिम अंसारी की नवंबर में मृत्यु होने का हवाला देकर पैरोल मांगी थी। उसने याचिका में कहा था कि कोर्ट में क्रिसमस के अवकाश के कारण उसकी याचिका में देरी हुई है। 

नवंबर 2005 से जेल में है अबू सलेम

सलेम की याचिका के अनुसार उसने 15 नवंबर को अपने भाई के अंतिम संस्कार और संबंधित रस्मों को पूरा करने के लिए जेल अधिकारियों से 14 दिन की आपातकालीन पैरोल मांगी थी। हालांकि, जेल अधिकारियों ने 20 नवंबर 2025 को एक आदेश के जरिये अर्जी खारिज कर दी थी। सलेम ने कहा था कि नवंबर 2005 में गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में है और उसे सिर्फ अपनी मां तथा सौतेली मां की मौत के बाद कुछ दिन की पैरोल दी गई थी। 

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