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'जितनी अच्छी बातें हैं उन्हें बांटना चाहिए', नागपुर में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

 Reported By: Yogendra Tiwari, Edited By: Avinash Rai
 Published : Aug 08, 2025 10:13 pm IST,  Updated : Aug 08, 2025 10:13 pm IST

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज नागपुर में जागृतेश्वर शिव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान के दर्शन किए और एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अच्छी चीजों को हमें बांटना चाहिए।

All the good things should be shared said RSS chief Mohan Bhagwat in Nagpur- India TV Hindi
नागपुर में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत Image Source : REPORTER INPUT

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज नागपुर के जागृतेश्वर शिव मंदिर दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि निस्वार्थ बुद्धि से अपने लिए नहीं जीना, हम अच्छे जीएंगे तो सब का जीवन अच्छा करेंगे। केवल मैं अच्छा बना, यह ठीक नहीं है। मेरे अच्छे बनने से मेरे आस-पास के लोग भी अच्छा बने, जिसकी जितनी पहुंच है, उतने लोगों में सेवा परोपकार के द्वारा अपने सत्संगति के द्वारा, लोगों की भौतिक, अध्यात्मिक, शारीरिक, मानसिक, सब प्रकार की उन्नति करने में मदद करना यह एक बात है,

मोहन भागवत ने शिवजी के त्याग का दिया उदाहरण

उन्होंने कहा कि दूसरी बात ये है कि शिवजी त्याग करते हैं। वो सब को देते हैं, अपने लिए कुछ नहीं लेते हैं। समुद्र में से अनेक रत्न मंथन में निकलते हैं, वो सब में बाट के जो सबसे खतरा वाला हलाहल है, वह अपने पास रखते हैं, जितनी अच्छी बातें हैं उसको बांटना, जितना दुनिया का दुख है वो दुनिया को नहीं देना, अपने पास रखना, हमने सहन करना ,यह व्यवहार जहां होता है, वहां समाज को आधार मिलता है, ऐसा आचरण नहीं है तो समाज में स्वार्थ, भेद, कलह यह सब चलता है।

मोहन भागवत बोले- शक्ति, बुद्धि को लोगों के उपयोग में लाना चाहिए

मोहन भागवत ने कहा कि अपना जो भी सद्गुण है, शक्ति है, बुद्धि है, वह सब लोगों के उपयोग में लाना, अपने हित के लिए उपयोग में नहीं लाना और जो अच्छाई है वो सब में बांटना, जो बुराई है एक जगह अपने पास रखना, उसको सहन करना ,  उसको  मिटा देना, बुराई होती है, कम करके भी कितना, कुछ तो होती ही है, जो होती है एक जगह सिमट जाए। अपने दायरे में रहे, उसको दुनिया में अपने हाथ से किसी को नहीं देना, अपने हाथ से कभी भी उसको अपने हाथ से समेटना एक जगह, जो अच्छाई है वह सबको बांटना, यह जीवन अपना बने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़े, आखिर अपना देश भारत किस बात से बड़ा होता है, इसी बात से बड़ा होता है।

भारत के पास आध्यात्म है: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया में और भी देश है, अमेरिका भी अमीर है, चीन भी अमीर बना है, अमीरी वाले बहुत देश है, कई बातें हैं जो बाकी देशों ने भी की है, हम भी कर लेंगे, लेकिन यह जो आध्यात्म है, धर्म है, यह दुनिया के पास नहीं है, यह हमारे पास है। दुनिया हमारे यहां उसके लिए आती है, जब हम बड़े बनते हैं, तो सारी दुनिया हमारे सामने नमस्कार करती है। धर्म , मोक्ष केवल नहीं, अर्थ, काम भी चाहिए। बाकी सारी उन्नती करना, लेकिन इसमें बड़ा बनेंगे तो हमारा देश वास्तव में माना जाएगा विश्व गुरु और ऐसा होने के लिए हम जो यह सारा करते हैं, पूजा करते हैं, उत्सव करते हैं, अच्छी बातें हैं, अच्छा लगता भी है, लेकिन केवल उतने तक नहीं, इसका जीवन से संबंध है और करते-करते जीवन अपना ऐसा होना चाहिए।

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