महाराष्ट्र में सदन का सत्र चल रहा है और बुधवार को को तो अजब ही मामला सामने आया, जब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना यूबीटी के चीफ और अपने पुराने सहयोगी रहे उद्धव ठाकरे को साथ आने का ऑफर दे दिया। फडणवीस ने कहा, "हमारा तो उधर यानी विपक्ष में आने का कोई स्कोप नहीं है। लेकिन आपका तो यहां आने का स्कोप है। इसपर आप विचार कर सकते है और इस स्कोप को अलग तरीके से देखना पड़ेगा।" फडणवीस के इस ऑफर का उद्धव ठाकरे ने जवाब दिया और कहा, ये बातें हंसते खेलते हुई हैं, इसे हंसते खेलते ही लेना चाहिए।
जब हुआ शिंदे और उद्धव का आमना सामना
दरअसल, विधान परिषद में नेता विपक्ष अंबादास दानवे का टर्म खत्म हो रहा है। ऐसे में आज दानवे के लिए एक संयुक्त फोटो सेशन का आयोजन किया गया था और इस दौरान उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे आमने-सामने आए लेकिन दोनों ने एक दूसरे को नजरअंदाज कर दिया। सीएम फडणवीस सहित सभी नेता कुर्सी पर बैठ गए लेकिन उद्धव ठाकरे को पहुंचने में थोड़ी देर हो गई और कुछ देर बाद उद्धव फोटो सेशन के लिए पहुंचे।
इस दौरान एकनाथ शिंदे के बगल में एक कुर्सी खाली थी। शिवसेना नेता नीलम गो-हे ने इस सीट पर उद्धव ठाकरे को बैठने के लिए कहा लेकिन उद्धव ठाकरे ने शिंदे के बगल में बैठने से इशारों में इंकार कर दिया और वह थोड़ा आगे बढ़ गए। इसके बाद एकनाथ शिंदे ने नीलम गो-हे को उसी सीट पर बैठने के लिए कहा और उद्धव ठाकरे नीलम गो-हे के बगल में बैठे। इंडिया टीवी ने जब एकनाथ शिंदे से देवेंद्र फडणवीस द्वारा दिए ऑफर के बारे में सवाल पूछा तो शिंदे विजिबली डिस्टर्ब नजर आए और बिना जवाब दिए निकल गए।
फडणवीस के ऑफर पर शिंदे शिवसेना नेता शंभूराजे देसाई ने कहा, इस ऑफर से शिवसेना को चिंता करने की जरुरत नहीं है। बालासाहेब के हिंदूत्व विचार वाली शिवसेना पहले से ही बीजेपी के साथ है।