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Lampi virus: लम्पी रोग को फैलने से रोकने के लिए मुंबई पुलिस ने पशुओं के परिवहन पर लगाई रोक

 Edited By: Shashi Rai
 Published : Sep 19, 2022 07:51 am IST,  Updated : Sep 19, 2022 07:51 am IST

Lampi virus: मुंबई पुलिस ने लम्पी रोग को फैलने से रोकने के लिए शहर में पशुओं के परिवहन पर रोक लगा दी है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में 14 सितंबर को एक आदेश जारी किया और यह 13 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा।

Lampi virus- India TV Hindi
Lampi virus Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • देश के कई राज्यों में लम्पी रोग ने मचाई तबाही
  • बचाव के लिए मुंबई पुलिस ने पशुओं के परिवहन पर लगाई रोक

Lampi virus: मुंबई पुलिस ने लम्पी रोग को फैलने से रोकने के लिए शहर में पशुओं के परिवहन पर रोक लगा दी है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में 14 सितंबर को एक आदेश जारी किया और यह 13 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। अधिकारी ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। लम्पी रोग से देशभर के कई राज्यों में भारी तबाही मची है। राजस्थान और हरियाणा में काफी संख्या में इस रोग की चपेट में आकर पशुओं की मौत हो गई है। 

लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है

लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है, जिससे संक्रमित मवेशियों में बुखार, आंखों और नाक से स्राव, मुंह से लार आना, पूरे शरीर में गांठ, दूध उत्पादन कम होना और खाने में कठिनाई इसके मुख्य लक्षण दिखने लगते हैं। हरियाणा के कुछ जिलों में भी लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के प्रकोप को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने धारा 144 के तहत गुरुग्राम के अधिकार क्षेत्र के भीतर मवेशियों के अंतर्राज्यीय और अंतर-जिला आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार हरियाणा के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों पंजाब और राजस्थान में मवेशियों में एलएसडी का प्रकोप है। जानवरों में बीमारी के प्रसार को रोकने, नियंत्रित करने और रोकने के लिए सीआरपीसी की धारा 144 के तहत दिशा-निर्देश जरूरी हैं। इस रोग के सामने आने के बाद राजस्‍थान में पशुपालन विभाग ने तेजी से कदम उठाए हैं और प्रभावित इलाकों में अलग-अलग टीमें भेजी गई हैं। रोगी पशुओं को अलग-थलग रखने की सलाह दी गई है। 

सबसे पहले अफ्रीका में पाया गया 

पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अफ्रीका में इस बीमारी के शुरुआती केस सामने आए थे, फिर इसने पाकिस्तान को अपना निशाना बनाया और फिर भारत में इसके केस दिखाई पड़े। यह बीमारी मुख्य रूप से गायों, विशेषकर देसी नस्‍ल वाली गायों को प्रभावित कर रही है और अब तक 25 हजार से ज्यादा गोवंश प्रभावित हुए हैं।

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