महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव का घमासान शुरू हो चुका है। महाराष्ट्र में विधान परिषद की 9 रिक्त सीटों के लिए आगामी 13 मई को मतदान होने जा रहा है। हालांकि, इस चुनाव को लेकर अभी से राजनीति शुरू हो गई है। विधान परिषद चुनाव के लिए सत्ताधारी गठबंधन महायुति और विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी के संभावित उम्मीदवारों के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं कि इस चुनाव में किन दलों को कितनी सीटें मिल सकती हैं।
महायुति और MVA को कितनी सीटें?
विधान परिषद चुनाव के समीकरणों के अनुसार, महायुति को 8 और महाविकास अघाड़ी (MVA) को केवल 1 सीट मिलने की उम्मीद है। कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने स्पष्ट किया है कि यदि उद्धव ठाकरे उम्मीदवार होते हैं, तभी वे समर्थन देंगे। कांग्रेस में बालासाहेब थोरात, हर्षवर्धन सपकाल, सचिन सावंत, राजेश राठौड़ और मुजफ्फर हुसैन के नामों पर चर्चा है। वहीं, अगर उद्धव ठाकरे चुनाव नहीं लड़ते, तो शिवसेना (UBT) से अंबादास दानवे, सुषमा अंधारे, विनायक राउत, राजन विचारे, वैभव नाईक और सूरज चव्हाण दौड़ में हैं।
महायुति से कौन हो सकते हैं उम्मीदवार?
दूसरी ओर, महायुति में भाजपा 6 सीटों पर दावा कर रही है, जबकि शिंदे सेना को 2 और अजीत पवार की NCP को 1 सीट मिल सकती है। भाजपा इस बार संगठन के निष्ठावान चेहरों जैसे केशव उपाध्ये, माधवी नाईक, रंजीत सिंह निंबाळकर, राम सातपुते, संदीप जोशी, दादाराव केचे और संजय केणेकर को मौका दे सकती है। शिंदे सेना से नीलम गोर्हे का नाम तय माना जा रहा है, जबकि मनीषा कायंदे, शायना एनसी, शीतल म्हात्रे के नाम चर्चा में हैं।
अजित पवार गुट से अमोल मिटकरी, आनंद परांजपे, समीर भुजबल, सूरज चव्हाण, उमेश पाटिल और अनिकेत तटकरे दावेदार हैं। यदि MVA में सहमति नहीं बनी, तो भाजपा अजित पवार एनसीपी के पार्टी से 9वें उम्मीदवार को मैदान में उतारकर शरद पवार गुट में सेंधमारी की कोशिश कर सकती है।
कितने वोट जरूरी होते हैं?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में वर्तमान में 288 विधायक है। अगर विधान परिषद चुनाव की बात करें तो एक उम्मीदवार को जीत हासिल करने करीबन 29 विधायकों का वोट जरूरी है।
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