1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 'माफ कीजिए! हम नहीं पाल सकते, इसलिए छोड़ रहे...' फुटपाथ पर मिली दुधमुंही बच्ची, पास से पत्र भी बरामद

'माफ कीजिए! हम नहीं पाल सकते, इसलिए छोड़ रहे...' फुटपाथ पर मिली दुधमुंही बच्ची, पास से पत्र भी बरामद

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jun 29, 2025 11:23 am IST,  Updated : Jun 29, 2025 11:29 am IST

फुटपाथ में बच्ची एक बॉस्केट के अंदर रखी हुई थी। इस बॉस्केट में बच्ची के साथ एक पत्र भी था। इस पत्र में बच्ची को लावारिस छोड़ने के लिए वजह और मजबूरी बताई गई है।

बॉस्केट में मिली लावारिस बच्ची और पत्र- India TV Hindi
बॉस्केट में मिली लावारिस बच्ची और पत्र Image Source : INDIA TV

महाराष्ट्र के राजगढ़ जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां पनवेल के तक्का गांव में शनिवार सुबह फुटपाथ पर रखी बॉस्केट में दो से तीन दिन की दुधमुंही बच्ची मिली है। उसके साथ एक चिट्ठी भी मिली है, जिसमें लिखा था कि हम इस बच्ची को नहीं पाल सकते, इसलिए इसे छोड़ रहे हैं। 

डॉक्टरों ने बच्ची को बताया स्वस्थ

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने बच्ची को अपने कब्जे में लेकर तुरंत पनवेल के उपजिला अस्पताल भेजा है। जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच कर उसे स्वस्थ बताया है। पुलिस ने रायगढ़ जिला प्रशासन को बच्ची को सौंपने की तैयारी कर ली है। 

बॉस्केट से आ रही थी बच्ची के रोने की आवाज

दुधमुंही बच्ची को अब अलीबाग स्थित अनाथाश्रम में ले जाया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार सुबह यहां से गुजर रहे लोगों की नजर एक बॉस्केट पर गई, जिसमें से एक बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। लोगों ने बॉस्केट खोलकर देखा तो उसमें एक बच्ची पड़ी थी। 

पुलिस ने माता-पिता को खोजने के लिए शुरू की जांच

पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस ने बच्चे को तुरंत पनवेल के उपजिला अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां बच्ची की स्थिती ठीक बताई जा रही है। पुलिस ने बच्चे के अज्ञात माता-पिता पर मामला दर्ज कर उनकी खोज शुरू कर दी है। 

जानिए पत्र में क्या है लिखा?

इस बच्ची के साथ एक चिट्ठी भी मिली है, जिसमें इंग्लिश में लिखा, 'सर हमें माफ कीजिए, हमारे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था। इसलिए हम बच्ची को छोड़ रहे हैं। हम आर्थिक और मानसिक तौर पर बच्चे का भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं। कृपया इस मामले में किसी भी व्यक्ति को शामिल न करें। हम जिस परिस्थिति से गुजर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि हमारा बच्चा भी उसी स्थिति से गुजरे! आप इस बच्चे का खयाल रखिए हम इसके आस-पास ही मौजूद हैं।'

रिपोर्ट- पुरुषोत्तम कनौजिया

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।