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'सुप्रिया सुले-नाना पटोले ने बिटकॉइन घोटाले की नकदी को महाराष्ट्र चुनाव में खपाया,' पूर्व IPS अधिकारी का बड़ा आरोप

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Nov 19, 2024 09:14 pm IST,  Updated : Nov 19, 2024 09:51 pm IST

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की वोटिंग से एक दिन पहले महा विकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं पर बड़ा आरोप लगा है। चुनाव में घोटाले की नकदी का इस्तेमाल किए जाने का आरोप पूर्व आईपीएस अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल ने लगाया है।

नाना पटोले, सुप्रिया सुले और पूर्व आईपीएस अधिकारी रवीन्द्रनाथ पाटिल- India TV Hindi
नाना पटोले, सुप्रिया सुले और पूर्व आईपीएस अधिकारी रवीन्द्रनाथ पाटिल Image Source : FILE PHOTO

महाराष्ट्र में चुनाव से एक दिन पहले पुणे के पूर्व आईपीएस अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल ने एनसीपी (एसपी) नेता और बारामती की सांसद सुप्रिया सुले और महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले पर बड़ा आरोप लगाया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने 2018 के क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले से बिटकॉइन की हेराफेरी की थी। इसका इस्तेमाल महाराष्ट्र में चल रहे विधानसभा चुनावों के लिए किया है। पाटिल का कहना है कि वह इस पूरी जांच के समर्थन करने के लिए तैयार हैं।

बिटकॉइन की हेराफेरी में थे शामिल

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुणे के तत्कालीन पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता और साइबर अपराध जांच को संभालने वाली तत्कालीन पुलिस उपायुक्त भाग्यश्री नौटके बिटकॉइन की हेराफेरी में शामिल थे। इसका उपयोग दोनों राजनीतिक नेताओं द्वारा किया जा रहा है।

14 महीने जेल में बिताए- पूर्व आईपीएस अधिकारी

पूर्व आईपीएस अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल ने कहा, 'मेरी कंपनी ने मुझे 2018 में एक केस की जांच करने के लिए एक क्रिप्टोकरेंसी विशेषज्ञ के रूप में बुलाया था। मुझे 2022 में धोखाधड़ी के आरोपों के तहत उस केस में गिरफ्तार किया गया था। मैंने एक मुकदमे के बाद 14 महीने जेल में बिताए। उस दौरान मैं सोच रहा था कि क्या हुआ था? क्या मामला था?  मुझे क्यों फंसाया गया था? मेरे साथ अन्य सहकर्मी भी थे। हम सच्चाई का पता लगाने पर काम कर रहे थे।'

2018 में अमित भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया 

इसके साथ ही पूर्व आईपीएस ने कहा, 'हमारे खिलाफ एक गवाह, गौरव मेहता, जो सारथी एसोसिएट्स नामक एक ऑडिट फर्म का कर्मचारी हैं। परसों उसने मुझे 4-5 घंटे तक कई बार फोन किया, लेकिन मैंने कोई जवाब नहीं दिया। आखिरकार, जब मैंने जवाब दिया तो उसने मुझे बताया कि 2018 में जब अमित भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास एक क्रिप्टोकरेंसी हार्डवेयर वॉलेट था। उस वॉलेट को तत्कालीन कमिश्नर अमिताभ गुप्ता ने बदल दिया था और दूसरा वॉलेट रख लिया था। हमें गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन असली अपराधी अमिताभ गुप्ता और उनकी टीम थी।'

इन दो नेताओं का लिया गया नाम

पूर्व आईपीएस अधिकिरी ने कहा, 'उन्होंने (गौरव मेहता) दो आईपीएस अधिकारियों, अमिताभ गुप्ता और भाग्यश्री नौटके का नाम लिया। उन्होंने दो लोगों का नाम लिया एक सुप्रिया सुले और नाना पटोले हैं । पाटिल ने आरोप लगाया कि इसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि इस विधानसभा चुनाव में बिटकॉइन का इस्तेमाल किया जा रहा है।'

महाराष्ट्र लोकसभा चुनाव में की गई फंडिंग

पाटिल ने आगे आरोप लगाया कि बिटकॉइन के पैसे का इस्तेमाल महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के दौरान फंडिंग के लिए किया गया। पाटिल का दावा है कि उनके पास कथित गवाह गौरव मेहता द्वारा कथित तौर पर भेजे गए वॉयस नोट हैं।

पूर्व आईपीएस अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल ने कहा, 'सुप्रिया सुले ने तीन वॉयस नोट संदेश भेजे हैं, जिसमें वह गौरव से बिटकॉइन भुनाने के लिए कहती हुई सुनाई दे रही हैं, क्योंकि चुनाव के लिए फंड की जरूरत है। वह उन्हें यह आश्वासन भी देती हुई सुनाई दे रही हैं कि वे जांच के बारे में चिंता न करें और सत्ता में आने पर वे इसे संभाल लेंगे।'

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