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फायर सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट की जांच किए बिना नहीं होगा स्लीपर बसों का रजिस्ट्रेशन, एक-एक बस की जांच करेगी सरकार

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Apr 29, 2026 04:53 pm IST,  Updated : Apr 29, 2026 04:53 pm IST

नितिन गडकरी ने कहा कि नई सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार हम प्रत्येक व्यक्तिगत स्लीपर बस की जांच करेंगे, जिसे 'वाहन' पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

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एक-एक बस की जांच करेगी केंद्र सरकार Image Source : VOLVO BUSES

नई स्लीपर बसों के रजिस्ट्रेशन के नियमों में जरूरी और महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है और नए संशोधित 'बस बॉडी कोड' के तहत फायर फाइटिंग सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट के फिजिकल और वीडियो इंस्पेक्शन के बिना नई स्लीपर कोच बसों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। बसों में आग लगने के बढ़ते हादसों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने हाल ही में फैसला लिया है कि स्लीपर बसों का निर्माण सिर्फ ऑटोमोबाइल कंपनियों या केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्लांटों द्वारा ही किया जाएगा।

एक-एक बस की जांच करेगी केंद्र सरकार

नितिन गडकरी ने 'बसवर्ल्ड इंडिया कॉन्क्लेव 2026' में कहा, ''बसों में यात्रियों की सुरक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय पहले ही 1 सितंबर, 2025 से संशोधित बस बॉडी कोड लागू कर चुका है।'' सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा, ''नई सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार हम प्रत्येक व्यक्तिगत स्लीपर बस की जांच करेंगे, जिसे 'वाहन' पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। फायर फाइटिंग सिस्टम, हथौड़े वाले इमरजेंसी एग्जिट और इमरजेंसी लाइट के फिजिकल और वीडियो निरीक्षण के बिना नई स्लीपर कोच बसों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।'' भारत का बस बॉडी कोड 'AIS-052' है, जो एक अनिवार्य मानक है। ये देश में बने सभी बस बॉडी के लिए सुरक्षा, संरचनात्मक और डिजाइन आवश्यकताओं को तय करता है।

बीते कुछ सालों में सैकड़ों लोगों की हो चुकी है मौत

बताते चलें कि पिछले कुछ सालों में लंबी यात्रा करने वाले कई भीषण बस हादसे देखने को मिले हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इन सभी हादसों में बसों में आग लगने के कई मामले सामने आए। लेकिन, बसों में कामयाब फायर फाइटिंग सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट न होने की वजह से कई लोगों की जानें गईं। सरकार की पूरी कोशिश है कि ऐसे हादसों को रोका जाए, ताकि लोगों को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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