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Budget Demand: वरिष्ठ नागिरकों के लिए कर मुक्त आय सीमा बढ़ाकर की जाए 7.5 लाख रुपए

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jun 19, 2019 07:16 pm IST,  Updated : Jun 19, 2019 07:16 pm IST

चेंबर ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को बुजुर्गों की आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष करनी चाहिए।

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Tax exemption limit should be raised Image Source : TAX EXEMPTION LIMIT SHOUL

लखनऊ। उद्योग चेंबर एसोचैम ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि आगामी बजट में वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए साढ़े सात लाख रुपए तक की आय को करमुक्त किया जाना चाहिए। 

केंद्र को सौंपे बजट पूर्व ज्ञापन में चेंबर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों यानी 60 वर्ष से अधिक आयु वाले नागरिकों के लिए न्यूनतम कर रियायत सीमा तीन लाख रुपए से बढ़ाकर साढ़े सात लाख रुपए की जानी चाहिए। इसके साथ ही 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की 12.5 लाख रुपए तक की आय को कर मुक्त रखा जाना चाहिए।

संगठन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के पास उनके सक्रिय जीवन के दौरान भारी भरकम सामाजिक सुरक्षा-पेंशन फंड निवेश सुविधा नहीं हो पाती इसलिए वे अधिकांशतया सावधि जमा की ब्याज की आय पर निर्भर करते हैं। एसोचैम ने कहा कि पिछले साल भर में ब्याज दर में काफी गिरावट आई है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय दिक्कतें पेश आ रही हैं। 

बुजुर्गों का चिकित्सकीय व्यय भी काफी अधिक हो जाता है क्योंकि मेडीक्‍लेम बीमा पॉलिसी से कवर लोगों को एक या दो क्लेम करने के बाद ऊंचा बीमा प्रीमियम भरना पड़ता है। एसोचैम के उप महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों ने सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परिवारों को पालने पोसने और राष्ट्र निर्माण में योगदान किया है। ऐसे में बुजुर्गों का कल्याण हमेशा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। 

एसोचैम ने सरकार को वरिष्ठ नागरिकों के ब्याज भुगतान पर टीडीएस कटौती नहीं किए जाने का भी सुझाव दिया है। चेंबर ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को बुजुर्गों की आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष करनी चाहिए। एसोचैम ने कहा कि भारत में 2011 की जनगणना के अनुसार पुरुषों की औसत आयु 67.3 वर्ष और महिलाओं की 69.6 वर्ष है। इसमें सुधार लाने की आवश्यकता है। 

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