नयी दिल्ली। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 25.9 प्रतिशत बढ़कर 4.08 लाख करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान मुख्य रूप से उत्पाद शुल्क में 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल सितंबर की अवधि में शुद्ध अप्रत्यक्ष कर संग्रह 2016-17 के बजटीय अनुमानों का 52.5 प्रतिशत रहा।
इसके अनुसार केंद्रीय उत्पाद शुल्क मद में शुद्ध कर संग्रह अप्रैल सितंबर की अवधि में 1.83 लाख करोड़ रुपए रहा जो 46.3 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। इस अवधि में शुद्ध सेवा कर संग्रह 22.1 प्रतिशत बढ़कर 1.16 लाख करोड़ रुपए रहा।
वहीं 2016-17 के पहले छह महीनों में शुद्ध सीमा-प्रतिस्पर्धा कानून 2002 के प्रावधानों में शुल्क संग्रह 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1.08 लाख करोड़ रुपए हो गया। सरकार को मौजूदा वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष करों से 8.47 लाख करोड़ रुपए व अप्रत्यक्ष करों से 7.79 लाख करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।