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दूरसंचार कंपनियों का राजस्व समझने के लिए ऑडिट किया जाए: संसदीय समिति

 Written By: Surbhi Jain
 Published : Jun 17, 2016 11:04 am IST,  Updated : Jun 17, 2016 11:04 am IST

कुछ साल पहले छह दूरसंचार कंपनियों की ओर से अपनी कमाई को कम दिखाने पर कैग की एक रिपोर्ट की जांच कर रही एक संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि इन कंपनियों पर समय-समय पर छापा मारा जाना चाहिए।

दूरसंचार कंपनियों का राजस्व समझने के लिए ऑडिट किया जाए: संसदीय समिति- India TV Hindi
दूरसंचार कंपनियों का राजस्व समझने के लिए ऑडिट किया जाए: संसदीय समिति

नई दिल्ली। आने वाले दिनों में दूरसंचार कंपनियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कुछ साल पहले छह दूरसंचार कंपनियों की ओर से अपनी कमाई को कम दिखाने पर कैग की एक रिपोर्ट की जांच कर रही एक संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि इन कंपनियों पर समय-समय पर छापा मारा जाना चाहिए और उनके खातों की जांच की जानी चाहिए।

यह सुझाव के. वी. थॉमस की अध्यक्षता वाली लोक लेखा समिति की एक बैठक के दौरान दिए गए। इस हफ्ते हुई इस बैठक में कैग की उस ऑडिट रिपोर्ट का परीक्षण किया गया जिसमें बताया गया है कि 2006-07 और 2009-10 में इन छह कंपनियों द्वारा अपनी कमाई कम दिखाने से सरकार को 12,488 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इन छह कंपनियों में एयरटेल, वोडाफोन और रिलायंस कम्युनिकेशन जैसी कंपनियां शामिल हैं।

समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि नीति में यदि कोई दोष है तो उसे सुधारने के साथ ही सरकार को इस बात पर जोर देना चाहिए कि वह सबसे बेहतर वकीलों को इसमें शामिल करे ताकि कंपनियों को कानूनी कार्रवाई में कोई छूट नहीं मिले। समिति की इस बैठक में दूरसंचार नियामक ट्राई, दूरसंचार एवं राजस्व विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने भी शिरकत की थी।

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