1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. आर्थिक समीक्षा में भूमि, रीयल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने पर जोर

आर्थिक समीक्षा में भूमि, रीयल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने पर जोर

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Jan 31, 2017 06:25 pm IST,  Updated : Jan 31, 2017 06:25 pm IST

जीएसटी को एक साहसिक नया प्रयोग बताते हुए आर्थिक समीक्षा में भूमि एवं अन्य अचल संपत्ति को इस अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के अंतर्गत लाने पर जोर दिया गया है।

आर्थिक समीक्षा में भूमि, रीयल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने पर जोर- India TV Hindi
आर्थिक समीक्षा में भूमि, रीयल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने पर जोर

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को एक साहसिक नया प्रयोग बताते हुए बजट पूर्व आर्थिक समीक्षा में भूमि एवं अन्य अचल संपत्ति को इस अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के अंतर्गत लाने पर जोर दिया गया है। इससे जीडीपी वृद्धि दर को बढ़ाकर 8-10 प्रतिशत पर ले जाने में मदद मिल सके। भूमि और अन्य अचल संपत्ति कालाधन सृजन के प्रमुख स्रोतों में से एक है।

समीक्षा में कहा गया है, जीएसटी एक साझा भारतीय बाजार तैयार करेगा, कर अनुपालन एवं संचालन में सुधार लाएगा और निवेश एवं वृद्धि में तेजी लाएगा। यह भारत के सहकारी संघीय व्यवस्था के संचालन में भी एक साहसिक नया प्रयोग है।

समीक्षा में जीएसटी को अमली जामा पहनाने वाले संविधान संशोधन विधेयक को परिवर्तनकारी बताया गया, लेकिन साथ ही यह भी कहा गया कि जीएसटी की दरें कम और आसान रखने को लेकर राज्यों की ओर से पर्याप्त दबाव नहीं है।

समीक्षा में कहा गया कि ऐसा लगता है कि जीएसटी संभवत: इस वित्त वर्ष के उत्तरार्ध में लागू किया जाएगा। जीएसटी की ओर रख करना, प्रशासनिक और प्रौद्योगिकीय दृष्टिकोण से इतना जटिल है कि राजस्व संग्रह की संभावना के पूर्ण दोहन में कुछ समय लगेगा।

राज्यों के अपने जीएसटी संग्रह में किसी तरह की कमी की भरपाई को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए राजस्व संग्रह के संबंध में परिदृश्य का अनुमान सावधानीपूर्वक लगाना आवश्यक है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा