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2021 के दौरान पूरी दुनियाभर के शिक्षा जगत और कार्यस्‍थलों में देखने को मिलेंगे नए ट्रेंड्स और बदलाव

यह भी उम्मीद की जा रही है कि शिक्षकों का कौशल बढ़ाने पर ज्यादा जोर देने और नए सॉफ्टवेयर्स के आने से पढ़ाई करने और कराने की प्रक्रिया में बदलाव जारी रहेगा।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: January 12, 2021 8:41 IST
online classes- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

online classes

नई दिल्ली। कार्यस्थल से संबंधित कुशलताएं और शिक्षा में तकनीकी प्रगति साल 2021 में भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भविष्य की राह तय करेंगे। भारत सरकार ने उच्च शिक्षा में विदेशी कंपनियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं, लेकिन विशेषज्ञों को लगता है कि अलग-अलग विषयों में पढ़ाई आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी, साथ ही कार्यस्थलों में तकनीकी और व्यवहारिक कुशलताओं के संयोजन पर भी फोकस रहेगा। यही नहीं, जो कुछ साल पहले तक प्रासंगिक था, उसमें बड़ा बदलाव होगा।

यह भी उम्‍मीद की जा रही है कि शिक्षकों का कौशल बढ़ाने पर ज्‍यादा जोर देने और नए सॉफ्टवेयर्स के आने से पढ़ाई करने और कराने की प्रक्रिया में बदलाव जारी रहेगा। इससे सीखने की प्रक्रिया में मौजूद वर्चुअल अंतर दूर होगा।

भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए भविष्‍य के मार्ग पर टिप्पणी करते हुए ग्लोबल यूनिवर्सिटी सिस्टम्स (जीयूएस) में एशिया पैसिफिक के सीईओ शरद मेहरा ने कहा कि साल 2021 अपने साथ देश के एजुकेशन सेक्टर के लिए उम्मीद की किरण और अवसरों का अंबार लेकर आया है। पिछले कुछ महीने चुनौतीपूर्ण रहे हैं, लेकिन इनसे सोचने के नए तरीकों को बढ़ावा मिला है और वर्तमान शिक्षा प्रणाली में पढ़ाई के तरीकों को नया आकार मिला है।

एनईपी के लागू होने से भारत में शिक्षा प्रणाली की संरचना को नई परिभाषा मिलेगी। यूनिवर्सिटीज और शिक्षक स्टूडेन्ट की भागीदारी के ऑनलाइन तरीके को सहयोग देने के लिए तेजी से बदलावों को अपना रहे हैं। सीखने के मिश्रित और शिक्षा देने के हाइब्रिड मॉडल्स अपनी तेज गति जारी रखेंगे। इसके अलावा, व्यावहारिकता, शोध और नवाचार पर बढ़ता जोर नेक्स्ट नॉर्मल कोर्सेस की मांग बढ़ाएगा, जिससे देश के युवाओं में नौकरी पाने की अपेक्षाओं को बढ़ावा मिलेगा।  

काम का भविष्य भी बदल रहा है। मेहरा ने आगे कहा कि साल 2021 सभी उद्योगों में बिजनेसेस के लिए बहुत सारी आशा लेकर आया है और यह आर्थिक नुकसानों की भरपाई करने का वचन भी निभाता है। जब महामारी आई और देश में लॉकडाउन लगा, तब अधिकांश ऑर्गेनाइजेशंस की प्रमुख चिंता थी कर्मचारियों की सुरक्षा और बिजनेस जारी रखना। हालांकि, पिछले साल आई सभी चुनौतियों के बावजूद, यह नया साल आगे के लिए बड़े सबक देने वाला रहेगा। भारत डिजिटल टेक्नोलॉजीज द्वारा होने वाले सामाजिक-आर्थिक बदलाव की राह पर है। हमने दूर से काम करने और व्यावसायिक लक्ष्यों को पाने के लिहाज से बड़े सुधार देखे हैं। अब हम नए दशक में बढ़ रहे हैं, तो नई वास्तविकताओं को अपनाना, मिलकर काम करना और दूर से काम करना नई बात होगी। कर्मचारी सुरक्षा और स्वास्थ्य नीतियां भी प्रतिभा को लेने और उन्‍हें बनाए रखने के संदर्भ में महत्वपूर्ण होंगी।

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