नई दिल्ली। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की 27वीं बैठक आज आयोजित होगी। बैठक में अन्य बातों के अलावा सरलीकृत टैक्स रिटर्न फॉर्म पेश किए जाने पर प्रमुखता से विचार किया जाएगा। साथ ही जीएसटी नेटवर्क को सरकारी कंपनी में तब्दील करने के प्रस्ताव पर फैसला किया जा सकता है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में परिषद की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी। परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह अप्रैल में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया है। यह एक रिकॉर्ड है। सरकार का कुल जीएसटी संग्रह पिछले महीने 1.03 लाख करोड़ रुपए रहा। पिछले साल एक जुलाई से लागू जीएसटी संग्रह पूरे वित्त वर्ष 2017-18 में 7.41 लाख करोड़ रुपए रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि रिटर्न को सरल बनाने का मामला एजेंडे में सबसे ऊपर है। सुशील मोदी की अगुवाई वाले मंत्रियों के समूह ने चर्चा के लिए नए रिटर्न फॉर्म के तीन मॉडल रखे हैं। इसके अलावा जीएसटीएन प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।
फिलहाल निजी क्षेत्र के पांच वित्तीय संस्थान एचडीएफसी लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, एनएसई स्ट्रैटजिक इनवेस्टमेंट कंपनी तथा एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की जीएसटीएन में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र सरकार के पास है। इसका गठन 28 मार्च 2013 को किया गया था।
किडनी की बीमारी से ग्रसित जेटली को डॉक्टरों ने संक्रमण से बचने के लिए ज्यादा लोगों से मिलने-जुलने से मना किया है। इसीलिए बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये करने का फैसला किया गया है।