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वित्‍त वर्ष 2017-18 में सरकार ने GST से जुटाए 7.41 लाख करोड़ रुपए, क्षतिपूर्ति के रूप में राज्यों को मिले 41,147 करोड़

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 27, 2018 02:37 pm IST,  Updated : Apr 27, 2018 02:37 pm IST

एक देश एक कर की तर्ज पर एक जुलाई 2017 से लागू माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत सरकार ने वित्‍त वर्ष 2017-18 के दौरान 7.41 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं। वित्त मंत्रालय ने आज इसकी जानकारी दी।

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नई दिल्‍ली। एक देश एक कर  की तर्ज पर एक जुलाई 2017 से लागू माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत सरकार ने वित्‍त वर्ष 2017-18 के दौरान 7.41 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं। वित्त मंत्रालय ने आज इसकी जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि केंद्र और राज्यों के क्रमश: उत्पाद शुल्क एवं वैट सहित बहुत से कर जीएसटी में समा गए हैं। सरकार ने पिछले साल 1 जुलाई से पूरे देश में जीएसटी को लागू किया था।

वित्त मंत्रालय ने ट्वीट में कहा है कि जीएसटी से वित्‍त वर्ष 2017-18 की अगस्त-मार्च अवधि में कुल कर संग्रह 7.19 लाख करोड़ रुपए रहा है। जुलाई 2017 के कर संग्रह को शामिल करने पर 2017-18 में कुल जीएसटी संग्रह अस्थायी तौर पर 7.41 लाख करोड़ रुपए रहा है।  

इसमें केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) से प्राप्त 1.19 लाख करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) से मिले 1.72 लाख करोड़ रुपए, एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) के 3.66 लाख करोड़ रुपए (जिसमें आयात से 1.73 लाख करोड़ रुपए भी शामिल हैं) और उपकर से प्राप्त 62,021 करोड़ रुपए (जिसमें आयात पर उपकर के 5,702 करोड़ रुपए शामिल हैं) शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा है कि अगस्त-मार्च अवधि के दौरान औसत मासिक जीएसटी संग्रह 89,885 करोड़ रुपए रहा है। 

2017-18 के आठ महीनों में राज्यों को क्षतिपूर्ति के रूप में कुल 41,147 करोड़ रुपए दिए गए हैं। जीएसटी कानून के तहत इस नई कर व्यवस्था के कारण पांच साल तक राज्यों के राजस्व में गिरावट की भरपाई केंद्र करेगी। इसके लिए विलासिता और अहितकर उपभोक्ता वस्तुओं पर विशेष उपकर लगाया गया है। राजस्व हानि की गणना के लिए 2015-16 की कर आय को आधार बनाते हुए उसमें सालना औसत 14 प्रतिशत की वृद्धि को सामान्य संग्रह माना गया है। मंत्रालय के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में प्रत्येक राज्य के राजस्व संग्रह अंतर में कमी आई है और पिछले साल यह औसतन 17 प्रतिशत रही है।

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