नई दिल्ली। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने गुरुवार को अपनी 25वीं बैठक में 29 वस्तुओं पर जीएसटी रेट घटाकर शून्य प्रतिशत करने का निर्णय किया है। इनमें से अधिकांश हैंडीक्राफ्ट्स से जुड़े उत्पाद हैं। बैठक के बाद वित्त मंत्री और परिषद के अध्यक्ष अरुण जेटली ने यह जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
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उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी रिटर्न फाइलिंग के सरलीकरण पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जेटली ने कहा कि जीएसटी परिषद की अगली बैठक में जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल करने की मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अगली बैठक में पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने पर भी विचार किया जाएगा। एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच वस्तुओं या माल की आवाजाही के लिए ई-वे बिल की अनिवार्यता का प्रावधान एक फरवरी से लागू होगा और 15 राज्य अपनी सीमा के अंदर ई-वे बिल को लागू करेंगे।
जेटली ने बताया कि दस दिनों बाद परिषद की दोबारा बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस मुद्दे पर विचार विमार्श किया जाएगा। अगली बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी। जेटली ने बताया कि अन्य 49 वस्तुओं पर टैक्स की दर को तर्कसंगत बनाते हुए उन पर टैक्स घटाया गया है।
ई-वे बिल, जो कि एक फरवरी से लागू किया जाना है, पर भी बैठक में चर्चा की गई। जीएसटी परिषद की 25वीं बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की। इस परिषद में सभी राज्यों के वित्त मंत्री सदस्य हैं। यह बैठक नवंबर में जीएसटी संग्रह में आई भारी गिरावट पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। नवंबर में जीएसटी संग्रह 80,808 करोड़ रुपए रहा है। इससे पहले महीने में यह 83,000 करोड़ रुपए था।
जीएसटी परिषद ने 16 दिसंबर को अपनी बैठक में इंटर-स्टेट आवाजाही के लिए ई-वे बिल के अनुपालन को एक फरवरी से अनिवार्य बनाने का फैसला किया था। इसका मकसद टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है। नवंबर में हुई अपनी 23वीं बैठक में परिषद ने बड़ा कदम उठाते हुए 200 वस्तुओं पर टैक्स की दर को कम किया था। उसके बाद ही जीएसटी संग्रह में यह बड़ी गिरावट देखने को मिली है।