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HPCL ने सुधारी अपनी गलती, ONGC को अपने सबसे बड़े प्रवर्तक के रूप में किया सूचीबद्ध

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Aug 14, 2019 04:05 pm IST,  Updated : Aug 14, 2019 04:09 pm IST

भारत के राष्ट्रपति की हिस्सेदारी ‘शून्य’ हो चुकी है, हालांकि वह शून्य शेयरधारिता के साथ अभी भी कंपनी के प्रवर्तक हैं।

HPCL files revised shareholding; lists ONGC as promoter- India TV Hindi
HPCL files revised shareholding; lists ONGC as promoter Image Source : HPCL

नई दिल्ली। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से फटकार के बाद हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने अपने शेयरधारकों की स्थिति के बारे में पिछली छह तिमाहियों के लिए दस्तावेजों को संशोधित कर फिर से जमा कराया है। इसमें तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) को कंपनी का एक प्रवर्तक और बहुलांश हिस्सेदार बताया गया है।

सेबी ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम को 13 अगस्त 2019 तक शेयर बाजारों में शेयरधारिता दस्तावेज को फिर से दाखिल करने के लिए कहा था। उसे यह दस्तावेज जनवरी 2018 में ओएनजीसी द्वारा उसकी सारी सरकारी हिस्सेदारी खरीदे जाने के बाद की सभी तिमाहियों के लिए दाखिल करने थे।

हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने नियामकीय जानकारी में बताया कि उसने मार्च 2018 में समाप्त होने वाली तिमाहियों से लेकर पिछली छह तिमाहियों के लिए शेयर बाजारों में शेयरधारिता दस्तावेजों को फिर से जमा करा दिया है। संशोधित शेयरधारिता दस्तावेज में ओएनजीसी को एक प्रवर्तक दिखाया गया है जिसके पास कंपनी के 77.88 करोड़ शेयर या 51.11 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जबकि भारत के राष्ट्रपति की हिस्सेदारी ‘शून्य’ हो चुकी है, हालांकि वह शून्य शेयरधारिता के साथ अभी भी कंपनी के प्रवर्तक हैं।

ओएनजीसी ने पिछले साल जनवरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम में सरकार की 51.11 प्रतिशत की पूरी हिस्सेदारी 36,915 करोड़ रुपए में खरीद ली थी। हालांकि कंपनी अभी भी शेयर बाजार में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के तौर पर ही सूचीबद्ध है।

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