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कोविड-19 महामारी का कृषि वस्तुओं के निर्यात पर रहा कम प्रभाव: आईओपीईपीसी

जून में निर्यात किये जाने वाले 14 प्रमुख कृषि उत्पादों में से 11 में ग्रोथ

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: July 16, 2020 21:47 IST
Agri sector - India TV Paisa
Photo:GOOGLE

Agri sector 

नई दिल्ली। कोविड- 19 महामारी का देश के तिलहन और चावल जैसे कृषि वस्तुओं के निर्यात पर कम प्रभाव हुआ है और यह क्षेत्र अच्छी वृद्धि हासिल कर रहा है। आईओपीईपीसी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी है। भारतीय तिलहन एवं उत्पाद निर्यात संवर्धन परिषद (आईओपीईपीसी) के अध्यक्ष खुशवंत जैन ने कहा कि जून में, कॉफी, चावल, तंबाकू, मसाले, तेल खली, तिलहन, फल और सब्जियां, अनाज की बनी वस्तुयें और अन्य प्रसंस्कृत सामग्री सहित 14 प्रमुख कृषि निर्यात उत्पादों में से 11 कृषि उत्पादों के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि जून में 14 प्रमुख कृषि उत्पादों के निर्यात में औसत वृद्धि 18 प्रतिशत दर्ज की गई है जबकि जून माह में सकल व्यापारिक निर्यात में 12.4 प्रतिशत की गिरावट रही है।

जैन ने कहा कि कृषि निर्यात बढ़ने की किसानों की आय दोगुनी करने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी का आर्थिक प्रभाव अन्य क्षेत्रों की तुलना में कृषि वस्तुओं के निर्यात पर बहुत कम है। यह इस तथ्य से देखा जा सकता है कि जून के दौरान निर्यात किये जाने वाले 14 प्रमुख कृषि उत्पादों में से लगभग 11 कृषि उत्पादों ने सकारात्मक विकास दिखाया है।’’ उन्होंने कहा कि जून 2019 में 537.24 करोड़ रुपये की तुलना में जून 2020 के दौरान तिलहनों का निर्यात 881.71 करोड़ रुपये का हुआ, जो 64.12 प्रतिशत की प्रर्याप्त वृद्धि को दर्शाता है। इसी तरह, तेल खली के निर्यात में भी लगभग 39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जैन ने यह भी कहा कि कृषि उपज मंडी समिति के दायरे से विभिन्न कृषि जिंसों को बाहर बेचने की सुविधा देकर और स्टॉक रखने की सीमा से दी गई छूट से कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

कृषि निर्यात पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि कृषि जिंसों की अंतर-राज्य आवाजाही पर प्रतिबंधों को समाप्त करना, मंडी के जरिये ही बेचने की बाध्यता के बिना ऐसे जिंसों की बिक्री करने की छूट और आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे से कई उत्पादों को बाहर निकालना जैसी विभिन्न पहलों से कृषि निर्यात को काफी लाभ होगा।

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