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भारत ने कहा कि ब्रिक्स राष्ट्र 2030 SDG लक्ष्यों को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Aug 27, 2021 10:48 pm IST,  Updated : Aug 27, 2021 10:48 pm IST

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मंत्री ने कहा कि कृषि-जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए, भारत ने पौधों, जानवरों, मछलियों, कीड़ों और कृषि के लिए महत्वपूर्ण सूक्ष्मजीवों के लिए राष्ट्रीय जीन बैंक स्थापित किए हैं।

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भारत ने कहा कि ब्रिक्स राष्ट्र 2030 SDG लक्ष्यों को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं Image Source : FILE

नई दिल्ली: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स राष्ट्र भूख और गरीबी समाप्त करने के 2030 के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम हैं। ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की 11वीं आभासी बैठक की अध्यक्षता करते हुये तोमर ने कृषि-जैव विविधता के संरक्षण और कृषि-खाद्य प्रणाली के विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भारत द्वारा किए गए प्रयासों को साझा किया। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच, कृषि अनुसंधान और नवाचारों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है और इसका कार्यान्वयन शुरू कर दिया गया है। तोमर ने अपनी उद्घाटन टिप्पणी में कहा, ‘‘ब्रिक्स देश भूख और गरीबी को मिटाने के लिए 2030 एसडीजी (सतत विकास लक्ष्यों) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए मुस्तैदी से तैनात हैं।’’ उन्होंने कहा कि कृषि-उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय में वृद्धि करके आय असमानता और खाद्य मूल्य अस्थिरता की समस्या को दूर किया जा सकता है।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मंत्री ने कहा कि कृषि-जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए, भारत ने पौधों, जानवरों, मछलियों, कीड़ों और कृषि के लिए महत्वपूर्ण सूक्ष्मजीवों के लिए राष्ट्रीय जीन बैंक स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि कृषि-खाद्य प्रणालियों के विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए दलहन, तिलहन, बागवानी फसलों और हाल ही में शुरू किए गए राष्ट्रीय पाम ऑयल मिशन पर कार्यक्रम लागू किए गए हैं।

तोमर ने आगे कहा कि भारत, पौष्टिक अनाज के अनुसंधान, शिक्षण, नीति निर्माण, व्यापार और खेती में क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे इस समूह की फसलों में उपलब्ध विविधता संरक्षण के साथ किसानों को लाभ पहुंचेगा। बैठक में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों ने सदस्य देशों में मजबूत कृषि अनुसंधान आधार को स्वीकार किया।

उन्होंने विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन की स्थिति में उन्नत उत्पादकता के लिए बेहतर समाधान प्रदान करने के लिए प्रयोगशाला से खेत तक प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाने और ज्ञान साझा करने की आवश्यकता को भी स्वीकार किया। भारत द्वारा विकसित ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच पर तोमर ने कहा कि इससे कृषि अनुसंधान, विस्तार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। बैठक के बाद ब्रिक्स देशों और ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच के कृषि सहयोग के मकसद से वर्ष 2021-24 के लिए एक संयुक्त घोषणा और कार्य योजना को अपनाया गया। आभासी बैठक में कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, कृषि सचिव संजय अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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