गांधीनगर: गुजरात से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। गुजरात ने राज्य में एनालॉग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
एनालॉग पनीर क्या होता है?
एनालॉग पनीर, असली पनीर की तरह ही दिखता है लेकिन ये पूरी तरह दूध से नहीं बना होता। ये स्वाद, बनावट में तो पारंपरिक पनीर जैसा लगता है। दरअसल असली पनीर दूध को फाड़कर बनता है, जिसके लिए लोग नींबू, सिरका या दही का इस्तेमाल करते हैं।
एनालॉग पनीर को बनाने के लिए दूध के फैट या प्रोटीन की जगह वनस्पति तेल (जैसे पाम ऑयल, नारियल तेल), स्टार्च (टैपिओका या अन्य), मिल्क पाउडर/मिल्क सॉलिड्स (आंशिक रूप से), सोया प्रोटीन, इमल्सीफायर, स्टेबलाइजर, फ्लेवरिंग एजेंट और अन्य एडिटिव्स को प्रोसेस किया जाता है। इन सभी चीजों को प्रोसेस करके पनीर जैसा शेप दिया जाता है।
हालही में अहमदाबाद में पकड़ा गया था नकली घी
आज ही खबर सामने आई थी कि अहमदाबाद में पुलिस ने नकली घी बनाने वाली कंपनी का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने 30 हजार लीटर नकली घी बरामद किया। इस दौरान 50 लीटर चाइनीज कैमिकल भी मिला, जो पॉमोलिन ऑयल को देशी घी बना देता था।
घी एक ऐसी चीज है, जो लगभग हर घर में खाया जाता है। ऐसे में नकली घी लोगों के घरों में पहुंचकर उनकी जान के लिए खतरा पैदा कर रहा है।
बाजार में खाने-पीने की चीजों में मिलावट का मामला नया नहीं है। लंबे समय से ये खेल बाजार में चल रहा है। खाने-पीने की चीजों में बड़ी मात्रा में मिलावट की जा रही है और खाने में उसका टेस्ट असली चीज जैसा लगता है। इस तरह के गोरखधंधे से नुकसान जनता को हो रहा है। वह इस मिलावटी खाने को खाकर बीमार पड़ रहे हैं।
समय-समय पर संबंधित विभागों द्वारा मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चलाया जाता है और नकली सामान के साथ-साथ आरोपी भी पकड़े जाते हैं लेकिन ये धंधा इतना बड़ा है कि कहीं न कहीं कोई नकली माल का सप्लायर मौजूद ही होता है।
मिलावटखोरी के खिलाफ वाकई एक अभियान चलाए जाने की जरूरत है क्योंकि अगर ये मिलावट का धंधा रोका नहीं गया तो इसका नुकसान बड़े स्तर पर जनता को उठाना होगा।
इससे पहले भी गुजरात से ऐसी खबरें आई हैं, जब सूरत शहर में नकली पनीर के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ और मशहूर डेयरी की दो यूनिटों से करीब 900 किलो पनीर जब्त हुआ।
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