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अमेरिकी रोक के बाद भी ईरान से तेल आयात जारी रखेगा भारत, 4 नवंबर से लागू होगा प्रतिबंध

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Oct 05, 2018 09:19 pm IST,  Updated : Oct 05, 2018 09:19 pm IST

भारत ने अमेरिकी पाबंदी के बावजूद ईरान से तेल व्यापार का पहला स्पष्ट संकेत दिया है।

Oil Import from iran- India TV Hindi
Oil Import from iran Image Source : OIL IMPORT FROM IRAN

नई दिल्ली। भारत ने अमेरिकी पाबंदी के बावजूद ईरान से तेल व्यापार का पहला स्पष्ट संकेत दिया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने पश्चिम एशियाई देश से 12.5 लाख टन कच्चे तेल के आयात के लिए अनुबंध किया है और वे डॉलर की जगह रुपए में व्यापार की तैयारी कर रहे हैं। 

उद्योग के शीर्ष सूत्र ने कहा कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) तथा मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोरसायन लिमिटेड (एमआरपीएल) ने नवंबर में ईरान से आयात के लिए 12.5 लाख टन तेल के लिए अनुबंध किया है। 4 नवंबर से ईरान के तेल क्षेत्र पर पाबंदी शुरू होगी। 

मिल सकती है कुछ छूट

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पिछले महीने कहा था कि प्रतिबंध के मामले में कुछ छूट देने पर विचार किया जाएगा, लेकिन यह साफ किया कि यह सीमित अवधि के लिए होगी। सूत्रों के अनुसार आईओसी ईरान से जो तेल आयात कर रहा है वह सामान्य है। उसने 2018-19 में 90 लाख टन ईरानी तेल के आयात की योजना बनाई थी। मासिक आधार पर यह 7.5 लाख टन बैठता है। 

रुपए में होगा भुगतान

सूत्रों ने कहा कि भारत और ईरान चार नवंबर के बाद रुपए में व्यापार पर चर्चा कर रहे हैं। एक सूत्र ने कहा कि ईरान तेल के लिए पूर्व में रुपए में भुगतान लेता रहा है। वह रुपए का उपयोग औषधि और अन्य जिंसों के आयात में करता है। इस प्रकार की व्यवस्था पर काम जारी है। उसने कहा कि अगले कुछ सप्ताह भुगतान व्यवस्था पर चीजें साफ हो जाएंगी। 

इन बैंकों का होगा उपयोग

सूत्रों के अनुसार आईओसी और एमआरपीएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल रिफाइनरी कंपनियां तेल आयात के लिए ईरान को भुगतान के लिए यूको बैंक या आईडीबीआई बैंक का उपयोग कर सकती हैं। 

2.5 करोड़ टन तेल आयात की है योजना

भारत की ईरान से करीब 2.5 करोड़ टन कच्चे तेल के आयात की योजना है जो 2017-18 में आयातित 2.26 करोड़ टन से अधिक है। हालांकि वास्तविक मात्रा कम हो सकती है क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां पूरी तरह तेल खरीद बंद कर चुकी हैं। अन्य भी पाबंदी को देखते हुए खरीद घटा रही हैं। 

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