नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज कहा कि भारत अपने तेल उपभोक्तओं को महंगे ईंधन से राहत दिलाने के लिए दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों सऊदी अरब और अमेरिका पर तेल के दाम कम करने के लिए दबाव बनाएगा। सऊदी अरब के पेट्रोलियम मंत्री खालिद ए अल-फलीह 23-24 फरवरी को, जबकि अमेरिका के ऊर्जा मंत्री रिक पेरी 28 फरवरी से एक मार्च तक भारत के दौरे पर आ रहे हैं।
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प्रधान ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारा मानना है कि तेल की कीमतें घटनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्पादकों के साथ होने वाली बैठक में भारत कच्चे तेल के युक्तिसंगत दाम मौजूदा स्तर से और घटाए जाने पर जोर देगा। उनसे यह पूछा गया था कि आखिर सरकार ने ग्राहकों को राहत देने के लिए 2018-19 के बजट में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती क्यों नहीं की।
उल्लेखनीय है कि ब्रेंट क्रूड का भाव अभी 65.37 डॉलर प्रति बैरल है। बजट चर्चा के दौरान चिदंबरम के राज्यसभा में दिए गए बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार ने 2014 के अंत और 2016 की शुरुआत में कच्चे तेल के दाम में नरमी से उत्पन्न लाभ लेने का निर्णय किया ताकि मुफ्त एलपीजी कनेक्शन, सड़क और राजगार निर्माण, शिक्षा तथा स्वास्थ्य के लिए कोष उपलब्ध हो सके।
चिदंबरम ने सरकार से पूछा था कि आखिर सरकार ने बजट तैयार करते समय कच्चे तेल के किस भाव को ध्यान में रखा और अंतराष्ट्रीय बाजार में जब दाम उस स्तर से ऊपर जाता है तो क्या वह खुदरा मूल्य बढ़ाएगी या उत्पाद शुल्क में कटौती करेगी।