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कर्नाटक हैं देश का सबसे ज्यादा भ्रष्ट राज्य, केरल और छत्तीसगढ़ सबसे कम, सर्वे में हुआ खुला

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Apr 28, 2017 07:54 am IST,  Updated : Apr 28, 2017 08:00 am IST

देश के सबसे ज्यादा भ्रष्ट राज्यों की लिस्ट में कर्नाटक टॉप पर है। वहीं, इस लिस्ट में केरल और छत्तीसगढ़ सबसे निचले पायदान पर है।

कर्नाटक हैं देश का सबसे ज्यादा भ्रष्ट राज्य, केरल और छत्तीसगढ़ सबसे कम, सर्वे में हुआ खुला- India TV Hindi
कर्नाटक हैं देश का सबसे ज्यादा भ्रष्ट राज्य, केरल और छत्तीसगढ़ सबसे कम, सर्वे में हुआ खुला

नई दिल्ली। देश के सबसे ज्यादा भ्रष्ट राज्यों की लिस्ट में कर्नाटक टॉप पर है। वहीं, इस लिस्ट में केरल और छत्तीसगढ़ सबसे निचले पायदान पर है। इसका मतलब साफ है कि इन दोनों राज्यों में सबसे कम भ्रष्टाचार होता है। आपको बता दें कि  इस बात का खुलासा एक एनजीओ के सर्वे में हुआ है। सरकारी कामों को कराने के लिए दिए जाने वाले घूसों के आधार पर भ्रष्ट राज्यों की सूची तैयार की गई है।

नोटबंदी के बाद कम हुआ भ्रष्टाचार

रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि आधे से ज्यादा लोगों ने यह स्वीकार किया कि नवंबर और दिसंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान पब्लिक सर्विसेज में भ्रष्टाचार में काफी गिरावट आई थी।

भ्रष्ट राज्यों की लिस्ट में टॉप पर है कर्नाटक

सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार वाले राज्यों में कर्नाटक के बाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और पंजाब का नंबर है। हिमाचल प्रदेश, केरल और छत्तीसगढ़ सबसे कम भ्रष्टाचार वाले राज्यों की सूची में हैं।

सर्वे में हुआ खुलासा

यह सर्वे सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज ने कराया है। सर्वे में 20 राज्यों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 3,000 लोगों की राय ली गई। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल के दौरान कम से कम एक बार करीब एक तिहाई लोगों को सरकारी काम कराने के दौरान भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा। 2005 में इसी तरह की एक स्टडी के दौरान 53 फीसदी लोगों ने घूस देने की बात स्वीकार की थी।

घूस देने के मामलों में आ रही गिरावट

रिपोर्ट में व्यक्त अनुमान के मुताबिक, 2017 में 20 राज्यों के 10 सरकारी महकमों में लोगों ने 6,350 करोड़ रुपये घूस के तौर पर दिए जबकि 2005 में यह आंकड़ा 20,500 करोड़ रुपये था। सर्वे से इस बात का संकेत मिलता है कि सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए अब भी बहुत कुछ करना बाकी है।

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