1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. FM ने दिया ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की जगह ईज ऑफ डूइंग एथिकल बिजनेस का मंत्र, PNB फ्रॉड को बताया धब्‍बा

FM ने दिया ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की जगह ईज ऑफ डूइंग एथिकल बिजनेस का मंत्र, PNB फ्रॉड को बताया धब्‍बा

 Edited By: Abhishek Shrivastava
 Published : Feb 24, 2018 02:13 pm IST,  Updated : Feb 24, 2018 02:21 pm IST

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि भारतीय कंपनियों को बिजनेस करने के लिए एक नए तरीके की जरूरत है, जहां नैतिकता केंद्र में हो।

arun jaitely- India TV Hindi
arun jaitely

नई दिल्‍ली। पंजाब नेशनल बैंक के साथ नीरव मोदी द्वारा किए गए 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले का पर्दाफाश होने पर वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि भारतीय कंपनियों को बिजनेस करने के लिए एक नए तरीके की जरूरत है, जहां नैतिकता केंद्र में हो। जेटली ने कहा कि इसके बाद ही हम वैश्विक निवेश के लिए भारत को बेहतर स्‍थान कह पाएंगे। जेटली ने दो सुझाव दिए, उन्‍होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को कहना बंद कर दें और बिजनेस में अधिक अनुपालनों को लागू करें।

उन्‍होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को ईज ऑफ डूइंग एथिकल बिजनेस से बदल देना चाहिए। सरकार अपनी जिम्‍मेदारी अच्‍छी तरह से निभा रही है। इसी समय उद्योगों की यह जिम्‍मेदारी बनती है कि वह नैतिक व्‍यापार के एजेंडा का कठोरता से पालन करें। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ऋणदाता और कर्ज लेने वाले के बीच अनैतिक व्यवहार बंद होना चाहिए। उद्योग को नैतिक तरीके से कारोबार करने की आदत डालनी चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक धोखाधड़ी से कारोबार की सुगम स्थिति पीछे रह गई, अर्थव्यवस्था पर धब्बा आगे आ गया। 

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सात साल से हो रहे 11,400 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले को नहीं पकड़ पाने को लेकर नियामकों की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि देश के नियामक नेताओं की तरह जवाबदेह नहीं हैं। जेटली ने कहा कि घोटालेबाजों के साथ कर्मचारियों की सांठगाठ परेशान करने वाली बात है। किसी ने इसपर आपत्ति नहीं की, यह भी परेशान करने वाली बात है। 

उन्होंने कहा कि नियामकों को धोखाधड़ी की पहचान एवं इन्हें रोकने के लिए तीसरी आंख खुली रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को नैतिक कारोबार की आदत डालने की जरूरत है क्योंकि इस तरह के घोटाले अर्थव्यवस्था पर धब्बा हैं और ये सुधारों एवं कारोबार सुगमता को पीछे धकेल देते हैं। 

उन्होंने कहा कि कर्जदाता-कर्जदार के संबंधों में अनैतिक व्यवहार का खत्म होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो संलिप्त व्यक्तियों को सजा देने के लिए नियमों को सख्त किया जाएगा। वित्तमंत्री ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर पाने को लेकर बैंक प्रबंधन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बैंक में क्या चल रहा है इससे शीर्ष प्रबंधन की अनभिज्ञता और अपर्याप्त निगरानी चिंताजनक है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा