Civil Defence volunteer wearing a mask displays a placard asking people to obey the odd-even rule, in New Delhi on Tuesday
नई दिल्ली। दिल्ली को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए ऑड ईवेन सोमवार (4 नवंबर) से लागू हो गया है जो 15 नंवबर तक रहेगा। आज ऑड ईवेन (सम-विषम) योजना के तीसरे संस्करण का दूसरा दिन है। आज जिन गाड़ियों के नम्बर की आखिरी डिजिट ऑड (विषम) नंबर होगा, वही गाड़ियां चलेंगी, यानि आज 5 नवंबर को सड़कों पर वो गाड़ियां चल पाएंगी जिनके आखिरी नंबर 1, 3, 5, 7 और 9 है। ऑड-ईवेन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लागू रहेगा।
ऐसे में घर से निकलने से पहले तारीख और गाड़ी की प्लेट का आखिरी नंबर जरूर देख लें। नियम तोड़ने पर 4000 रुपए फाइन के तौर पर वसूले जा रहे हैं। राजधानी दिल्ली में ऑड ईवन स्कीम के पहले दिन (4 नवंबर) नियम तोड़ने वाले लगभग 233 लोगों के चालान काटे गए हैं। इन नियमों को लागू कराने के लिए पुलिस की 200 टीमें तैनात की गई हैं।

दिल्ली की केजरीवाल सरकार का मानना है कि उनके इस फॉर्मूले से प्रदूषण में काफी हद तक कमी आएगी और लोगों को जहरीली हवा से थोड़ी राहत मिलेगी। उधर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सख्ती दिखाई। कोर्ट ने तीन राज्यों यूपी, हरियाणा और पंजाब के मुख्य सचिव को बुधवार (6 नवंबर) तक तलब किया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब अगर पराली जलाने की घटनाएं हुईं तो इसके लिए राज्य के कैबिनेट सचिव से लेकर ग्राम पंचायत के सभी अधिकारियों को दोषी माना जाएगा।
गौरतलब है कि दो पहिया और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को इस योजना में छूट दी गई है लेकिन इस बार सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों के लिए ये छूट नहीं है। जिन गाड़ियों में सिर्फ महिलाएं और उनके साथ 12 साल तक की उम्र के बच्चे होंगे, उन्हें भी छूट होगी। दिव्यांगजन के वाहनों को भी ऑड-ईवन में छूट है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, आपातकालीन, प्रवर्तन सेवाओं के वाहनों समेत 29 श्रेणियों के वाहनों को इससे छूट दी गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहनों को हालांकि इससे छूट नहीं दी गई है।







































