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दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को लेकर किसने क्या कहा? ऑड-ईवन पर पहले दिन कटे 233 चालान

दिल्ली में वायु प्रदूषण के संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को पड़ोसी राज्यों के साथ हुई बैठक में स्थिति से निपटने के उपायों की समीक्षा की गयी।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : Nov 04, 2019 10:09 pm IST, Updated : Nov 05, 2019 07:16 am IST
Delhi-NCR air pollution- India TV Hindi
Image Source : PTI Delhi-NCR air pollution

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के चलते सांस लेने के लिए लोगों को जंग लड़नी पड़ रही है। लोग साफ हवा में सांस लेने के लिए तरस रहे हैं। प्रदूषण के कारण इस समय हवा में बहुत ज्यादा मात्रा में जहरीले कण हैं, जो सीधे सांस के जरिए शरीर के अंदर जाकर बीमारियों को जन्म दे रहे हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार, सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार सभी की चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमवार को प्रदूषण को लेकर दिल्ली में बहुत कुछ हुआ। तो चलिए, प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली के लिए सोमवार का दिन कैसा रहा और क्या-क्या हुआ, सभी पर नजर डालते हैं।

हवा चलने से प्रदूषण का स्तर थोड़ा गिरा, लेकिन वायु गुणवत्ता अब भी ‘गंभीर’

राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को हवा की गति में मामूली वृद्धि होने से प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आई है लेकिन वायु गुणवत्ता अब भी ‘गंभीर’ की श्रेणी में बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि चक्रवाती तूफान ‘महा’ और एक पश्चिमी विक्षोभ से बुधवार और बृहस्पतिवार को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तरी मैदानी हिस्सों में बारिश के आसार हैं जिससे स्थिति में और सुधार होगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सोमवार को प्रदूषण के स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हुआ। शाम चार बजे राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 416 दर्ज किया गया जो अब भी ‘गंभीर’ श्रेणी में है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हवा की रफ्तार में वृद्धि से प्रदूषणकारी तत्वों को दूर दूर तक छिटकने में मदद मिली है। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘वायु गुणवत्ता में सुधार के दो मुख्य कारण हवा की रफ्तार में बढ़ोतरी तथा बादलों का छाया नहीं होना हैं।

प्राधिकारियों की लगातार लापरवाही, उदासीनता का परिणाम है दिल्ली में प्रदूषण: एनजीट

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक बढ़ने का स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को कहा कि मौजूदा हालात एक दिन में पैदा नहीं हुए, बल्कि ये कानून प्रवर्तन प्राधिकारियों की लगातार लापरवाही एवं उदासीनता का परिणाम है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल ने दिल्ली सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अधिकारियों से मंगलवार को सुबह साढ़े 10 बजे उसके समक्ष पेश होने को कहा। पीठ ने बंद कमरे में हुई सुनवाई के बाद दिल्ली के मुख्य सचिव, डीपीसीसी अध्यक्ष, सीपीसीबी के सदस्य सचिव और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के संबंधित सचिव को मंगलवार को पेश होने को कहा । पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘आगे की सुनवाई के लिए मामले को 05.11.2019 को सुबह 10.30 बजे के लिए सूचीबद्ध किया जाए।

ऑड ईवन का उल्लंघन करने पर 4,000 रुपये का जुर्माना, पहले दिन कटे 233 चालान

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सम-विषम योजना लागू होने के पहले दिन सोमवार को नियम के उल्लंघनों को लेकर कुल 233 चालान काटे गये। उन्होंने दिल्ली के लोगों को नियम का पालन करने के लिए धन्यवाद देते हुये कहा कि यह योजना पहले दिन सफल रही। दिल्ली यातायात पुलिस ने 170 चालान जारी किए, जबकि परिवहन और राजस्व विभाग की टीमों ने क्रमशः 15 और 7 चालान जारी किए। सम-विषम नियम का उल्लंघन करने पर 4,000 रुपये का जुर्माना है। यह योजना 15 नवंबर तक सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक लागू रहेगी। सिसोदिया ने कहा कि सम-विषम योजना सहित विभिन्न कारणों से दिल्ली में वायु की गुणवत्ता में पिछले दिन की तुलना में सोमवार को सुधार हुआ है।

पीएमओ ने पंजाब और हरियाणा से पूछा पराली पर क्या कार्रवाई की

दिल्ली में वायु प्रदूषण के संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार पड़ोसी राज्यों के साथ हुई बैठक में स्थिति से निपटने के उपायों की समीक्षा की गयी। इस दौरान पंजाब और हरियाणा से पराली जलाने की घटनाओं पर की गयी कार्रवाई के बारे में भी पूछा गया । बैठक के बारे में जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार मिश्रा ने पंजाब और हरियाणा सरकार को पिछले 24 घंटों में पराली जलाने से रोकने के लिये की गयी कार्रवायी का ब्योरा देने को कहा है। इस दौरान दोनों राज्यों के मुख्य सचिव ने बताया कि उनके राज्य में पिछले कुछ दिनों में पराली जलाने वालों के ख़िलाफ़ प्रभावी कार्रवाई के बाद स्थिति में सुधार हुआ है। 

पीएमओ की बैठक में कौन-कौन थे?

बैठक में केबिनेट सचिव, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, पर्यावरण सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष, मौसम विभाग के महानिदेशक और कृषि मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद थे। मिश्रा ने रविवार को भी इस तरह की बैठक कर स्थिति की समीक्षा की थी। मौसम विभाग के महानिदेशक ने हवा की गुणवत्ता मे सुधार के लिहाज़ से अगले कुछ दिनों तक मौसम का रुख़ सकारात्मक रहने की अपेक्षा व्यक्त करते हुए स्थिति में सुधार आने का आश्वासन दिया। 

बेहद खराब हो गई है हवा

उल्लेखनीय है कि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में सोमवार को हवा की गति में इज़ाफ़े और धूप निकलने के बाद वायुमंडल में जमा दूषित तत्वों की धुँध से राहत मिली है। हालाँकि वायु गुणवत्ता सूचकांक अभी भी गम्भीर श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली के मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण रोकने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने सहित अन्य उपायों की जानकारी दी। मिश्रा ने राज्य सरकारों के स्तर पर किए जा रहे उपायों पर संतोष जताते हुए इन्हें जारी रखने और इस दिशा में एक स्थायी निगरानी प्रणाली को अमल में लाने की ज़रूरत पर बल दिया।

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