1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. राजधानी दिल्ली में Odd-Even योजना आज से लागू, CNG गाड़ियों को भी नहीं मिलेगी छूट, जानिए क्या हैं नियम

राजधानी दिल्ली में Odd-Even योजना आज से लागू, CNG गाड़ियों को भी नहीं मिलेगी छूट, जानिए क्या हैं नियम

 Written By: India TV Business Desk
 Published : Nov 04, 2019 07:07 am IST,  Updated : Nov 04, 2019 07:07 am IST

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण के मद्देनजर सम-विषम योजना आज सोमवार (4 नवम्बर) सुबह 8 बजे से शुरू होगी। यह योजना का तीसरा संस्करण है। सरकार के निर्देश के मुताबिक नियम सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लागू रहेंगे।

odd even scheme begin in delhi- India TV Hindi
odd even scheme begin in delhi Image Source : PTI PHOTO
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण के मद्देनजर सम-विषम योजना आज सोमवार (4 नवम्बर) सुबह 8 बजे से शुरू होगी। यह योजना का तीसरा संस्करण है। पहले दिन दिल्ली की सड़कों पर केवल ऐसे निजी वाहन चल सकेंगे जिनके नंबर प्लेट का अंतिम अंक सम (ईवन) संख्या (0, 2, 4, 6, 8) हो। सरकार के निर्देश के मुताबिक नियम सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लागू रहेंगे। सीएम अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों और शहर के लिए इस नियम का पालन करें। ऑड-ईवन के दौरान उन गाड़ियों को छूट होगी जिनमें सिर्फ महिलाएं या स्कूल यूनिफॉर्म में कोई बच्चा साथ हो। ऑड-ईवन नियमों का पालन न करने पर 4000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा।
4 से 15 नवंबर तक लागू रहेगी योजना
योजना 15 नवम्बर तक सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू होगी। इसके तहत 4, 6, 8, 12 और 14 नवंबर को सड़कों पर विषम पंजीकरण संख्या (1, 3, 5, 7, 9) से समाप्त होने वाले चार पहिया निजी वाहनों को सड़कों पर निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी तरह, सम संख्या (0, 2, 4, 6, 8) के साथ समाप्त होने वाले पंजीकरण संख्या वाले वाहनों को 5, 7, 9, 11, 13 और 15 नवंबर को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। योजना 10 नवम्बर (रविवार) को लागू नहीं होगी और पाबंदी अन्य राज्यों के पंजीकरण नम्बर पर भी लागू होगी।
उल्लंघन करने वालों पर 4 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा
उल्लंघन करने वालों पर 4,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यातायात पुलिस में हेड कांस्टेबल एवं उच्च स्तर के अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, एटीआई और डीटीसी के उच्च पदस्थ अधिकारियों को उल्लंघनकर्ताओं का चालान काटने के लिए अधिकृत किया गया है। यातायात पुलिस और अन्य विभागों की प्रवर्तन टीमों को 12 दिन के इस अभियान के दौरान इस्तेमाल करने के लिए चालान बुक, रसीद बुक और दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
योजना के उचित के लिए 200 टीमें तैनात रहेंगी
सम विषम योजना के सख्त अनुपालन के लिए दिल्ली यातायात पुलिस, परिवहन एवं राजस्व विभागों की सैकड़ों टीमें तैनात की गई हैं। अभियान के दौरान लगभग 400 ट्रैफिक इंस्पेक्टर और असिस्टेंट ट्रैफिक इंस्पेक्टरों (एटीआई) को दो पालियों में तैनात किया जाएगा। एक सरकारी अधिकारी के अनुसार एटीआई और राजस्व विभाग के अधिकारी उल्लंघनकर्ताओं के चालान काटेंगे। साथ ही परिवहन विभाग द्वारा चिन्हित 200 स्थानों पर योजना का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। दिल्ली यातायात पुलिस ने योजना का उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए 200 टीमें तैनात की हैं। इसके बारे में जागरूकता फैलाने के लिए शहरभर में लगभग 5,000 नागरिक सुरक्षा वालंटियर तैनात करने के लिए प्रशिक्षित किये गए हैं।
कई विभागों के कार्यालयों के समय में परिवर्तन
दिल्ली सरकार ने सम-विषम योजना के मद्देनजर अपने विभागों के कार्यालयों के समय में परिवर्तन किये हैं। जहां कुछ विभागों के कार्यालय सुबह 9.30 बजे खुलेंगे, वहीं कुछ अन्य कार्यालय सुबह 10.30 बजे खुलेंगे। यह योजना शहर की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की क्षमता का परीक्षण भी करेगी।
दिल्ली मेट्रो लगाएगी अतिरिक्त फेरे
दिल्ली सरकार की 2,000 निजी बसों को किराए पर लेने की योजना को आंशिक सफलता मिली है क्योंकि रविवार शाम तक करीब 800 बसें ही पंजीकृत हुईं। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि रात तक यह संख्या 1,000 के पार जाने की संभावना है। दिल्ली मेट्रो सम-विषम योजना के 11 दिन की अवधि में 61 अतिरिक्त फेरे संचालित करेगी।
सर्ज प्राइजिंग लागू नहीं करेंगे Ola-Uber
हालांकि, यात्रियों का बड़ा बोझ 5,600 से अधिक दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर बसों द्वारा वहन किया जाएगा। कैब ऑपरेटरों ओला और उबर ने कहा है कि वे सम-विषम योजना के दौरान सर्ज प्राइसिंग लागू नहीं करेंगी। सरकार ने ऑटोरिक्शा द्वारा अधिक किराया वसूलने से रोकने के लिए भी कदम उठाए हैं।
दोपहिया वाहन इस योजना से बाहर
इस बार ऑड-ईवन नियम के दायरे से दोपहिया वाहनों को बाहर रखा गया है।​ इस बार सीएनजी गाड़ियों को ऑड-ईवन के दायरे में रखा गया है।​ चिकित्सकीय आपात स्थिति में इस्तेमाल किये जाने वाले वाहनों और यूनिफॉर्म में स्कूली बच्चों ले जाने वाले वाहनों को छूट दी जाएगी। ऐसे वाहन जिनकी चालक महिलाएं हों और उनमें 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे हों उन्हें छूट दी जाएगी। इसके साथ ही ऐसे वाहनों को भी छूट मिलेगी जिनमें दिव्यांग सवार हों। एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने मांग की है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ऑड-ईवन योजना से छूट दी जाए।​
इनके वाहनों को मिलेगी छूट
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यों के राज्यपाल, भारत के प्रधान न्यायाधीश, लोकसभाध्यक्ष, उप लोकसभाध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा और लोकसभा में विपक्ष के नेता, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीशों, दिल्ली के उपराज्यपाल, केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के वाहनों को छूट दी जाएगी। यह पाबंदी लोकपाल और उसके सदस्यों, संघ लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष, मुख्य चुनाव आयुक्त एवं चुनाव आयुक्त, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष एवं सदस्यों, लोकायुक्त, दिल्ली और चंडीगढ़ के राज्य चुनाव आयुक्तों पर भी लागू नहीं होगी।
भाजपा ने Odd-Even योजना को बताया स्टंट
विपक्षी दलों भाजपा और कांग्रेस ने दिल्ली की केजरीवाल नीत आप सरकार को वायु प्रदूषण संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि सम-विषम योजना सत्ताधारी सरकार का अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक स्टंट है।
Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा