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सरकार ने कर्जदारों को चेताया, अपने बकाये का भुगतान करें अन्‍यथा कारोबार पर दूसरों के नियंत्रण के लिए रहें तैयार

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Aug 31, 2017 01:16 pm IST,  Updated : Aug 31, 2017 01:16 pm IST

कर्ज नहीं लौटा पाने वाली निजी कंपनियों के मालिकों से कहा है कि वह अपना बकाया चुकाएं या फिर कारोबार छोड़कर उसका नियंत्रण किसी दूसरे के हवाले कर दें।

सरकार ने कर्जदारों को चेताया, अपने बकाये का भुगतान करें अन्‍यथा कारोबार पर दूसरों के नियंत्रण के लिए रहें तैयार- India TV Hindi
सरकार ने कर्जदारों को चेताया, अपने बकाये का भुगतान करें अन्‍यथा कारोबार पर दूसरों के नियंत्रण के लिए रहें तैयार

नई दिल्‍ली। केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने बैंकों का कर्ज लेकर उसे नहीं लौटा पाने वाली निजी कंपनियों के मालिकों से कहा है कि वह अपना बकाया चुकाएं या फिर कारोबार छोड़कर उसका नियंत्रण किसी दूसरे के हवाले कर दें।

भारतीय रिजर्व बैंक ने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता कानून के तहत हाल ही में ऐसी 12 बड़ी कर्जदार कंपनियों के खिलाफ दिवाला कार्रवाई  शुरू करने का बैंकों को निर्देश दिया है। इन कंपनियों में दो लाख करोड़ रुपए का कर्ज फंसा हुआ है। यह राशि बैंकों के कुल फंसे कर्ज का एक चौथाई के करीब है।

बैंकों से कर्ज लेकर उसे नहीं लौटा पा रहे कुछ और कर्जदारों के खिलाफ भी कार्रवाई को अधिसूचित किया जा रहा है। जेटली ने कहा कि सरकार बैंकों को और पूंजी उपलब्ध कराने के लिए तैयार है लेकिन फंसे कर्ज का समाधान सरकार के लिए बड़ी प्राथमिकता है।  वित्‍त मंत्री ने यहां इकोनोमिस्ट सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता कानून के जरिये, मैं समझाता हूं कि देश में पहली बार फंसे कर्ज के मामले में सक्रिय कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि फंसे कर्ज का समाधान करने में समय लगेगा। आप इस मामले में एक झटके में सर्जिकल कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। वित्‍त मंत्री ने कहा कि सरकार ने बैंकों को पहले ही 70,000 करोड़ रुपए तक पूंजी उपलब्ध करा दी है और उन्हें और पूंजी देने के लिए भी तैयार है। कुछ बैंक बाजार से भी पूंजी जुटा सकते हैं। हम बैंकिंग क्षेत्र में एकीकरण की कारवाई आगे बढ़ाने के लिए भी सक्रियता से काम कर रहे हैं। हमें ज्यादा बैंक नहीं चाहिए, हमें कम लेकिन मजबूत बैंक चाहिए।

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