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RBI ने म्‍यूचुअल फंड्स के लिए शुरू की विशेष ऋण सुविधा, उपलब्‍ध कराएगा 50000 करोड़ रुपए का लोन

आरबीआई ने कहा कि वह सतर्क है और कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव को कम करने और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: April 27, 2020 11:06 IST
RBI latest Mutual Funds news update in hindi- India TV Paisa

RBI Announces 50000 crore Special Liquidity Facility for Mutual Funds

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस महामारी के चलते पूंजी बाजार में अधिक अस्थिरता के कारण म्‍यूचुअल फंड उद्योग में तरलता का संकट खड़ा हो गया है। इसकी वजह से फ्रैंकलीन टेम्‍पलटन ने अपनी छह ऋण योजनाओं को बंद कर दिया है। जिसकी वजह से म्‍यूचुअल फंड निवेशकों में घबराहट है। इस घबराहट को कम करने के लिए सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक आगे आया है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को म्‍यूचुअल फंड्स के लिए एक विशेष ऋण योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत उन्‍हें 50,000 करोड़ रुपए का लोन उपलब्‍ध कराया जाएगा, ताकि उद्योग में तरलता का संकट न खड़ा हो।

केंद्रीय बैंक ने सोमवार को जारी अपने एक बयान में कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से पूंजी बाजारों में अत्‍यधिक अस्थिरता की वजह से म्‍यूचुअल फंड्स में तरलता संकट छा गया है। हालांकि इस समय यह संकट उच्‍च जोखिम वाले ऋण म्‍यूचुअल फंड्स में ही है, जबकि शेष उद्योग में तरलता बनी हुई है।

आरबीआई ने कहा कि वह सतर्क है और कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव को कम करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। म्‍यूचुअल फंड्स पर तरलता का दबाव कम करने के उद्देश्‍य से 50,000 करोड़ रुपए की एक विशेष तरलता सुविधा खोलने का निर्णय लिया गया है।

स्‍पेशल लिक्विडिटी फंड-एमएफ के तहत आरबीआई फ‍िक्‍स रेपो रेट पर 90 दिन की अवधि का एक रेपो ऑपरेशन शुरू करेगा। एसएलएफ-एमएफ ऑन-टॉप और ओपन-एंडेड है और बैंक सोमवार से शुक्रवार तक किसी भी दिन वित्‍त हासिल करने के लिए अपनी बोली जमा कर सकते हैं। यह सुविधा 27 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और 11 मई, 2020 तक चालू रहेगी। बाजार परिस्थितियों के मुताबिक केंद्रीय बैंक इसकी समय-सीमा और कोष में वृद्धि करने पर विचार करेगा।

उल्‍लेखनीय है कि यूनिट वापस लेने के दबाव और बांड बाजार में नकदी की कमी का हवाला देते हुए फ्रैंकलिन टेम्‍पलटन म्‍यूचुअल फंड ने अपनी छह ऋण योजनाओं को बंद करने की घोषणा की है। इसके बाद एम्फी ने एक बयान में कहा कि निवेशकों को अपने निवेश लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, और अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए। उद्योग निकाय ने यह परामर्श भी दिया कि एक कंपनी की कुछ योजनाओं के बंद होने से विचलित नहीं होना चाहिए। ज्यादातर म्यूचुअल फंडों की फिक्स्ड इनकम योजनाओं में बेहतर ऋण गुणवत्ता होती है, जिसकी पुष्टि स्वतंत्र क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा की जाती है और इनमें चुनौतीपूर्ण समय में भी काफी नकदी बनी रहती है।

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