एम्फी के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की जानकारी दी। इसका मुख्य कारण निश्चित आय वाली योजनाओं से भारी मात्रा में निकासी थी।
एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है। लेकिन, लंबी अवधि में नुकसान होने का जोखिम काफी कम हो जाता है।
निवेशकों को इस बात का हमेशा ध्यान रखना होगा कि एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है। लेकिन, लंबी अवधि में नुकसान होने का जोखिम काफी कम हो जाता है।
म्यूचुअल फंड्स सीधे तौर पर शेयर बाजार में होने वाले कारोबार से जुड़े हुए हैं। ऐसे में, शेयर बाजार में की अस्थिरता ने निवेशकों के म्यूचुअल फंड्स पोर्टफोलियो को भी अस्थिर कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक रिसर्च, डिजिटल प्लेटफॉर्म और एजुकेशन तक जबरदस्त पहुंच ने इस बदलाव को आकार देने में बहुत बड़ी और अहम भूमिका निभाई है।
भारतीय शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच ऐसे कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जो अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो को मैनेज किया हुआ है।
इक्विटी स्टेक में अपेक्षित बढ़ोतरी का श्रेय सट्टेबाजी आधारित कारोबार की जगह लॉन्ग टर्म निवेश की ओर बदलाव को दिया जा सकता है।
एसआईपी कभी भी एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
जानकार का कहना है कि आने वाले समय में भी निवेश का अधिकांश प्रवाह लिक्विड, मनी मार्केट और हाई-क्वालिटी एक्रूअल फंड्स में केंद्रित रह सकता है।
क्वांट स्मॉल कैप फंड, भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की सबसे पुरानी स्कीम्स में से एक है। क्वांट स्मॉल कैप फंड की शुरुआत 1996 में हुई थी।
बीते कुछ सालों में, म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले लोगों की संख्या में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है। खास बात ये है कि इनमें छोटे निवेशकों और महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है।
मासिक आधार पर म्यूचुअल फंड कंपनियों ने सितंबर के 7.5 प्रतिशत की तुलना में अक्टूबर में आईटी शेयरों में अपना निवेश बढ़ाकर 7.6% कर दिया है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में शुद्ध निवेश सितंबर में 9 प्रतिशत घटकर 30,421 करोड़ रुपये रह गया था।
शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव की वजह से सिर्फ स्टॉक पोर्टफोलियो ही नहीं बल्कि म्यूचुअल फंड्स पोर्टफोलियो पर भी काफी बुरा असर पड़ा है।
म्यूचुअल फंड एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
पिछली दिवाली से लेकर इस दिवाली के दौरान, कुल 522 में से 407 फंड्स ने पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
म्यूचुअल फंड एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
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भारत में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और म्यूचुअल फंड दोनों ही लोकप्रिय निवेश साधन हैं। बदलते समय के साथ, जोखिम मुक्त और उच्च रिटर्न के लिए विभिन्न और बेहतर निवेश विकल्पों की खोज करना आवश्यक है।
म्यूचुअल फंड में शेयर बाजार का काफी रिस्क है, लेकिन एक बात ये भी सच है कि इसमें शेयर बाजार से ही मोटी कमाई भी होती है।
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