अगर आपकी उम्र 35 साल है और आप 55 साल की उम्र तक ₹2 करोड़ का फंड बनाना चाहते हैं, तो अभी से सही प्लानिंग बेहद जरूरी है। महंगाई, बढ़ते खर्च और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए केवल बचत काफी नहीं, बल्कि स्मार्ट निवेश करना जरूरी हो जाता है। ऐसे में म्यूचुअल फंड में SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है, जो छोटे-छोटे निवेश के जरिए लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने में मदद करता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आपको हर महीने कितनी SIP शुरू करनी चाहिए, आइए, इसका पूरा गणित समझ लेते हैं।
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SIP क्या है?
SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान, निवेश का एक अनुशासित तरीका है, जिसमें निवेशक नियमित अंतराल पर एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। यह म्यूचुअल फंड में निवेश करने की ऐसी प्रक्रिया है, जो लोगों को मासिक या तिमाही आधार पर तय रकम निवेश करने की सुविधा देती है। SIP को इस तरह डिजाइन किया गया है कि निवेश करना आसान और व्यवस्थित बन सके। इसके जरिए निवेशक छोटी-छोटी रकम से शुरुआत कर लंबे समय में धीरे-धीरे बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो नियमित निवेश के माध्यम से भविष्य के लिए संपत्ति बनाना चाहते हैं।
एक अहम बात समझ लें, म्यूचुअल फंड में निवेश पर रिटर्न की कोई लिमिट नहीं है। चूकि यह स्टॉक मार्केट से लिंक्ड है तो फंड का प्रदर्शन भी बाजार के उतार-चढ़ाव के मुताबिक बदलता रहता है। यानी रिटर्न में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। हां, ऐसा देखा गया है कि म्यूचुअल फंड में एक औसत रिटर्न 12-15 प्रतिशत के बीच रहा है। यहां हम 12 प्रतिशत रिटर्न के आधार पर कैलकुलेशन कर रिटर्न को समझ सकते हैं।
₹2 करोड़ के फंड के लिए SIP का कैलकुलेशन
आज अगर आप 35 साल के हैं और 55वें साल की उम्र में यानी आज से 20 साल बाद आप 2 करोड़ रुपये का फंड चाहते हैं तो आपको आज से ही एसआईपी में निवेश करना शुरू कर देना चाहिए। सेबी के एसआईपी कैलकुलेटर के मुताबिक, आज से अगर आप ₹20,200 की मंथली एसआईपी कराते हैं तो आपके पास 20 साल बाद 2 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। कैलकुलेशन के मुताबिक, 20 साल बाद 12 प्रतिशत रिटर्न के आधार पर आपके पास कुल ₹ 2,01,82,788 होंगे। इसमें कुल निवेश की रकम ₹ 48,48,000 और कुल रिटर्न ₹ 1,53,34,788 शामिल होंगे।