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कोरोना संकट के बीच मुश्किल में फैशन रिटेल कारोबार, लाॅकडाउन के चलते बढ़ी मुश्किलें

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 26, 2021 09:32 am IST,  Updated : Apr 26, 2021 09:32 am IST

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से देश के विभिन्न हिस्सों में लगाया जा रहा लॉकडाउन फैशन कारोबार वाले खुदरा विक्रेताओं के समक्ष नई चुनौती बनेगा।

Fashion Retail- India TV Hindi
Fashion Retail Image Source : INDIAN RETAIL

मुंबई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से देश के विभिन्न हिस्सों में लगाया जा रहा लॉकडाउन फैशन कारोबार वाले खुदरा विक्रेताओं के समक्ष नई चुनौती बनेगा। ऐसे में यह माना जा रहा है कि अब 2022- 23 में ही उनका राजस्व कोविड- 19 पूर्व के स्तर पर पहुंच सकेगा। घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा ने रविवार को इसकी जानकारी दी। इक्रा की रिपोर्ट में कहा गया है कि फैशन कारोबार उद्योग में 2021- 22 में 23 से 25 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है लेकिन यह वृद्धि कारोबार को कोविड-19 पूर्व की स्थिति में ले जाने के लिये काफी नहीं है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि कोविड-19 की दूसरी लहर शुरू होने से पहले उद्योग तेजी से सुधार के रास्ते पर चल रहा था। दिसंबर 2020 को समाप्त तिमाही में बिक्री कारोबार कोविड पूर्व के 70 प्रतिशत पर पहुंच गया था। एजेंसी के मुताबिक लेकिन अब मार्च 2021 के बाद कोविड- 19 संक्रमण के मामलों में तीव्र वृद्धि होने के बाद उद्योग के समक्ष नई चुनौतियां दिख रही हैं। इक्रा की फैशन रिटेल क्षेत्र की प्रमुख साक्षी सुनेजा ने कहा कि उद्योग के कारोबारियों ने लागत बचत के लिये कई उपाय अपनाये हैं।

किराये को लेकर बातचीत की है, वेतन और अन्य खर्चों को तर्कसंगत बनाने पर जोर दिया है। उद्योग जगत की तरफ से ये उपाय चालू वित्त वर्ष के दौरान भी जारी रहने की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘‘इन उपायों से उद्योग का परिचालन मार्जिन चालू वित्त वर्ष के दौरान 4.1 प्रतिशत के आसपास रहने की संभावना है, हालांकि यह मार्जिन 2019- 20 के मुकाबले 2.50 प्रतिशत कम रहेगा।’’ 

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