1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. अरबों का बिजनेस छोड़ सत्संगी बने शिविंदर सिंह

अरबों का बिजनेस छोड़ सत्संगी बने शिविंदर सिंह

 Written By: Shubham Shankdhar
 Published : Sep 24, 2015 06:19 pm IST,  Updated : Sep 28, 2015 06:30 am IST

करीब दो दशकों तक इंडिया इंक में अपनी धाक जमाने के बाद फोर्टिस हेल्थकेयर के वाइस प्रेसीडेंट शिविंदर सिंह ने कंपनी का कामकाज छोड़ने का फैसला लिया है।

अरबों का बिजनेस छोड़ सत्संगी बने शिविंदर सिंह- India TV Hindi
अरबों का बिजनेस छोड़ सत्संगी बने शिविंदर सिंह

करीब दो दशकों तक इंडिया इंक में अपनी धाक जमाने के बाद फोर्टिस हेल्थकेयर के वाइस प्रेसीडेंट शिविंदर सिंह ने कंपनी का कामकाज छोड़ने का फैसला लिया है। हजारों करोड़ का कारोबार छोड़कर शिविंदर ने अब अध्यात्म की ओर रुख करने का फैसला लिया है। वो अब डेरा राधा स्वाममी सत्संखग ब्या स से जुड़ने का फैसला कर चुके हैं। शिविंदर सिंह एक जनवरी 2016 से इस ब्यास का हिस्सा होंगे।

सिंह ने बताया कि वो भाग्यशाली हैं जो उन्हें सत्संग ब्यास से जुड़ने का मौका मिला हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी बचाने के उद्देश्य से उन्होंने अपना मिशन शुरु किया था, जिससे उन्हें सकून मिलता था। उन्होंने कहा कि वो हाल ही में सीधे तौर पर लोगों की सेवा करने और लोगों को कुछ देने के लिए प्रेरित हुए है इसलिए वो सत्संग की ओर जाना चाहते हैं। सिंह के इस काम में उनके बड़े भाई ने उनकी मदद की। उनके बड़े भाई ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनका छोटा भाई इस उम्र में खुद को पूरी तरह समाज सेवा में लगाना चाहता है। जानकारी के मुताबिक 40 साल के शिविंदर मोहन ने 15 साल पहले इस बिजनेस में एंट्री की थी। वो फिलहाल कंपनी के एक्जिक्युटिव वाइस चेयरमैन है और वो सत्संग से जुड़ने के बाद भी न सिर्फ कंपनी के बोर्ड मेंबर बने रहेंगे बल्कि उनकी हिस्सेदारी भी उनके पास रहेगी।

फोर्टि‍स हेल्थ केयर चेन में क्या क्या-

आपको बता दें कि फोर्टि‍स हेल्थेकेयर चेन में हॉस्पि ‍टल, डायग्नोास्टिह‍क और डे केयर स्पेशलि‍टी फैसि‍लि‍टी आदि शामि‍ल हैं। भारत, दुबई, मॉरि‍शस और श्रीलंका में करीब 54 हेल्थ केयर फैसि‍लि‍टी, 10,000 बेड और 260 डायग्नोबस्टि ‍ सेंटर चलते हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा