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सरकार ने राज्यों के उदय योजना से जुड़ने की बढ़ाई समयसीमा

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Jun 22, 2016 03:14 pm IST,  Updated : Jun 22, 2016 03:14 pm IST

सरकार ने राज्यों के लिए उदय योजना से जुड़ने की समय सीमा बढ़ा दी है। यह योजना कर्ज के बोझ से दबी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के पुनरोद्धार से संबंधित है।

रिवाइवल के लिए डिस्कॉम्स को करना होगा इंतजार, सरकार ने राज्यों के उदय योजना से जुड़ने की बढ़ाई समयसीमा- India TV Hindi
रिवाइवल के लिए डिस्कॉम्स को करना होगा इंतजार, सरकार ने राज्यों के उदय योजना से जुड़ने की बढ़ाई समयसीमा

नई दिल्ली। सरकार ने राज्यों के लिए उदय योजना से जुड़ने की समय सीमा बढ़ा दी है। यह योजना कर्ज के बोझ से दबी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के पुनरोद्धार से संबंधित है। इसके अलावा राज्यों के लिए मार्च, 2017 में समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में डिस्कॉम के कर्ज के अधिकांश हिस्से के भुगतान के लिए बांड जारी करने की समय सीमा भी बढ़ाई गई है।

एक सूत्र ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज राज्यों के उदय योजना से जुड़ने की समय सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सूत्र ने कहा कि इससे उन राज्यों को मदद मिलेगी जो योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, लेकिन वे चुनाव या नियामकीय मंजूरी जैसे कारणों से इससे जुड़े नहीं पाए हैं या डिस्कॉम का कर्ज चुकाने को बांड नहीं जारी कर पाए हैं। उदय योजना के तहत राज्यों को पिछले वित्त वर्ष में इस योजना से जुड़ना था और बांड जारी कर डिस्कॉम का 50 फीसदी कर्ज 2015-16 में चुकाना था। उन्हें चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त 25 फीसदी का कर्ज चुकाने के लिए बांड जारी करने थे। हालांकि, कुछ राज्य इस योजना से जुड़ नहीं पाए जबकि अन्य नियामकीय मंजूरियों या चुनाव जैसे कारणों से बांड जारी नहीं कर पाए।

इस फैसले के बाद अब राज्य चालू वित्त वर्ष में बिजली वितरण कंपनियों का 75 फीसदी कर्ज चुकाने के लिए बॉन्ड जारी कर सकेंगे। पिछले वित्त वर्ष में राज्यों ने डिस्कॉम का कर्ज चुकाने के लिए एक लाख करोड़ रुपए के बांड जारी किए थे। उदय योजना देश में बिजली वितरण कंपनियों के बढ़ते कर्ज के बोझ से निपटने के लिए पिछले साल नवंबर में जारी की गई थी। एक अनुमान के अनुसार डिस्कॉम का बकाया कर्ज 2011-12 में 2.4 लाख करोड़ रुपए था, जो 2014-15 में बढ़कर 4.3 लाख करोड़ रुपए हो गया। इस पर ब्याज दर 14-15 फीसदी का है।

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