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अगले 15 दिन में नीचे आएंगे टमाटर के दाम, विशेषज्ञों ने जताया अपना अनुमान

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jul 30, 2017 02:38 pm IST,  Updated : Jul 30, 2017 02:38 pm IST

दक्षिणी और अन्य उत्पादक राज्यों से आपूर्ति बढ़ने से टमाटर के दाम अगले 15 दिन में नीचे आ जाएंगे। आईसीएआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह राय व्यक्त की है।

अगले 15 दिन में नीचे आएंगे टमाटर के दाम, विशेषज्ञों ने जताया अपना अनुमान- India TV Hindi
अगले 15 दिन में नीचे आएंगे टमाटर के दाम, विशेषज्ञों ने जताया अपना अनुमान

नई दिल्‍ली। दक्षिणी और अन्य उत्पादक राज्यों से आपूर्ति बढ़ने से टमाटर के दाम अगले 15 दिन में नीचे आ जाएंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह राय व्यक्त की है। इस समय टमाटर 100 रुपए प्रति किलो की ऊंचाई पर पहुंच चुका है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार देश के ज्यादातर हिस्सों में टमाटर एक माह से अधिक से आसमान पर पहुंच चुका है। कई स्थानों पर टमाटर का खुदरा भाव करीब 100 रुपए प्रति किलो की ऊंचाई पर चल रहा है। मंत्रालय के 29 जून तक आंकड़ों के अनुसार महानगरों की बात की जाए तो दिल्ली में यह 92 रुपए किलोग्राम पर है। कोलकाता में 95 रुपए, मुंबई में 80 रुपए और चेन्नई में 55 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव बिक रहा है।

अन्य शहरों में लखनऊ में यह 95 रुपए, भोपाल में और तिरुवनंतपुरम में 90 रुपए, अहमदाबाद में 65 रुपए, जयपुर में 60 रुपए, पटना में 60 रुपए और हैदराबाद में 55 रुपए प्रति किलोग्राम की ऊंचाई को छू चुका था। उत्पादक क्षेत्रों में भी टमाटर काफी महंगा बिक रहा है। शिमला में यह 83 रुपए और बेंगलुरु में 75 रुपए किलोग्राम तक बिक रहा है। किस्म और गुणवत्‍ता के आधार पर इसकी कीमतों में अंतर हो सकता है।

आईसीएआर के उप महानिदेशक (बागवानी विभाग) एके सिंह ने कहा, मेरा व्यक्तिगत तौर पर आकलन है कि दक्षिणी राज्यों और अन्य उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति बढ़ने से अगले 15 दिन में टमाटर के दाम नीचे आएंगे। बारिश कम होने के बाद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और यहां तक कि महाराष्ट्र से आपूर्ति सुधरेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा। सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान तथा अन्य उत्पादक राज्यों में भारी बारिश से टमाटर की फसल को कुछ नुकसान पहुंचा है।

साथ ही परिवहन संबंधी मुद्दों की वजह से काटी जा चुकी फसल को भी समय पर बाजार पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मंडियों में उपज को पहुंचाने की लागत भी बढ़ रही है क्योंकि बारिश और बाढ़ की वजह से इसमें सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है।

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