एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी का परिवार 28 लाख करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ देश का सबसे वैल्यूएबल बिजनेस फैमिली है। अंबानी फैमिली के बाद अडाणी फैमिली 14.01 लाख करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर है। रिसर्च और रैंकिंग फर्म हुरुन ने कारोबारी घरानों की संपत्ति में पिछले एक साल में आए बदलाव पर ये रिपोर्ट बार्कलेज के साथ मिलकर तैयार की है। Hurun India Most Valuable Family Businesses 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 300 सबसे वैल्यूएबल फैमिली की कुल संपत्ति 140 लाख करोड़ रुपये (1.6 लाख करोड़ डॉलर) से ज्यादा है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 40 प्रतिशत है।
जीडीपी के 12 प्रतिशत के बराबर है अंबानी परिवार की संपत्ति
अंबानी परिवार की ही संपत्ति देश की जीडीपी के 12 प्रतिशत के बराबर है। पिछले एक साल में अंबानी परिवार की संपत्ति में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ अंबानी परिवार ने देश में सबसे ज्यादा संपत्ति वाले परिवार के तौर पर अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। वहीं, गौतम अडाणी के परिवार को ‘पहली पीढ़ी के उद्यमी’ के तौर पर शुरू सबसे मूल्यवान पारिवारिक कारोबार का मालिक बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में कुमार मंगलम बिड़ला परिवार की संपत्ति 20 प्रतिशत बढ़कर 6.47 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसी के साथ ये परिवार कई पीढ़ियों वाले कारोबारी घराने की लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गया।
जिंदल परिवार की संपत्ति में 21 प्रतिशत का उछाल
जिंदल परिवार भी 21 प्रतिशत उछाल के साथ 5.70 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ एक स्थान ऊपर चला गया। वहीं, बजाज परिवार संपत्ति में 21 प्रतिशत गिरावट के चलते चौथे स्थान पर खिसक गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि टॉप 300 कारोबारी परिवारों ने पिछले साल रोजाना औसतन 7100 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई। इस दौरान एक अरब डॉलर से ज्यादा संपत्ति वाले परिवारों की संख्या में 37 परिवार बढ़ गए हैं, जिसके बाद ये संख्या अब बढ़कर 161 हो गई है। दिलचस्त बात ये है कि इस लिस्ट में शामिल एक चौथाई से ज्यादा कारोबार शेयर बाजारों में लिस्ट नहीं हैं। इस लिस्ट में शामिल 89 प्रतिशत कारोबार भौतिक उत्पादों की बिक्री करते हैं जबकि 11 प्रतिशत सेवाएं प्रदान करते हैं।
मुंबई से सबसे ज्यादा संपत्ति वाले कारोबारी घरानों की संख्या भी सबसे ज्यादा
सबसे ज्यादा संपत्ति वाले कारोबारी घरानों में मुंबई से 91, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से 62 और कोलकाता से 25 परिवार इस लिस्ट में शामिल हैं। वहीं, 62 परिवार अब पेशेवर चीफ एग्जीक्यूटिव नियुक्त कर कारोबार चला रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अगले 5 सालों में करीब 130 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति इन परिवारों की अगली पीढ़ी को ट्रांसफर होने का अनुमान है। टॉप परिवारों ने पिछले साल अलग-अलग कारणों से 5100 करोड़ रुपये की राशि दान में दी। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने से 120 से ज्यादा कारोबारी घरानों के अरबों डॉलर के निर्यात पर अगले 12 महीने में असर पड़ सकता है।
पीटीआई इनपुट्स के साथ