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FSSAI ने कीटनाशकों के इस्तेमाल पर रोक के लिए राज्यों से कही ये बात, सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है मकसद

 Published : Aug 23, 2024 09:35 pm IST,  Updated : Aug 23, 2024 09:35 pm IST

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कृषि पद्धतियां सुरक्षित और टिकाऊ रहें, जिससे उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेषों से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचाया जा सके।

FSSAI ने राज्यों से परीक्षण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नई माइक्रोबायोलॉजी लैब्स स्थापित करने के लिए प- India TV Hindi
FSSAI ने राज्यों से परीक्षण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नई माइक्रोबायोलॉजी लैब्स स्थापित करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। Image Source : INDIA TV

खाद्य नियामक एफएसएसएआई की सीईओ जी कमला वर्द्धन राव ने उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कीटनाशकों के उपयोग को कम करने के लिए राज्यों से अंतर-मंत्रालयी पैनल गठित करने को कहा है। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में 22-23 अगस्त को केंद्रीय सलाहकार समिति (सीएसी) की 44वीं बैठक आयोजित की। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इस मीटिंग में खाद्य सुरक्षा आयुक्त (सीएफएस), राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के प्रतिनिधियों, एफएसएसएआई के वरिष्ठ अधिकारियों और खाद्य उद्योग तथा कृषि क्षेत्र के सदस्यों सहित 50 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।

एफएसएसएआई के सीईओ ने प्रस्ताव दिया

खबर के मुताबिक, राव ने कीटनाशकों के इस्तेमाल पर चिंताओं को दूर करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति के गठन पर चर्चा की। एफएसएसएआई के सीईओ ने प्रस्ताव दिया कि हर राज्य को इस अंतर-मंत्रालयी समिति की स्थापना करनी चाहिए, जो कीटनाशकों के उपयोग को कम करने, नियंत्रण उपायों को लागू करने और किसान स्तर पर कीटनाशकों के उपयोग की निगरानी और विनियमन के लिए रणनीति विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। नियामक ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कृषि पद्धतियां सुरक्षित और टिकाऊ रहें, जिससे उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेषों से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचाया जा सके।

नई माइक्रोबायोलॉजी लैब्स पर बात

राव ने चल रही अंतरराज्यीय क्षेत्रीय परिषद की बैठकों पर जोर दिया, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (एफएसओ) और नामित अधिकारियों (डीओ) के रिक्त पदों को भरने और खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड करने की तत्काल आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने राज्यों से परीक्षण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नई माइक्रोबायोलॉजी लैब्स स्थापित करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। इसके अलावा, राव ने राज्यों के भीतर प्रमुख स्थानों की पहचान करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जहां मोबाइल लैब, फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स (FSW) तैनात किए जा सकते हैं। ये मोबाइल लैब उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा प्रथाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रसारित करने में सहायक होंगी।

त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई

परीक्षण उपकरण और रैपिड किट से सुसज्जित एफएसडब्ल्यू वैन, खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमों के मुताबिक खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा मापदंडों का त्वरित मूल्यांकन करती हैं। परिणाम कुछ ही घंटों में उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे सार्वजनिक उपभोग के लिए खाद्य उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई संभव हो जाती है। FSSAI के सीईओ ने सभी हितधारकों से मिलकर काम करने की नई प्रतिबद्धता के साथ समापन किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे, जो पूरे देश में उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है।

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