1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सरकार ने लागू की गोबरधन योजना, कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादकों को 10 साल तक मिलेगा मूल्य समर्थन

सरकार ने लागू की गोबरधन योजना, कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादकों को 10 साल तक मिलेगा मूल्य समर्थन

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Sep 20, 2026 04:26 pm IST,  Updated : Sep 20, 2026 04:26 pm IST

गोबरधन योजना का उद्देश्य देश में कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देना, परियोजनाओं के लिए ज्यादा अनुकूल बाजार तैयार करना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।

GOBAR-DHAN scheme, CBG, Compressed Bio Gas, Bio Gas- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : IBA

सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना को लागू कर दिया है। इस योजना के तहत तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादकों को उनकी बिक्री योग्य गैस की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद, कम से कम 10 साल के लिए प्रशासित मूल्य और पूंजीगत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के 15 सितंबर को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, ये योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी। 

देश में कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन को बढ़ाना चाहती है सरकार

गोबरधन योजना का उद्देश्य देश में कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देना, परियोजनाओं के लिए ज्यादा अनुकूल बाजार तैयार करना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है। गोबरधन यानी 'गैल्वानाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन' सरकार का ऐसा कार्यक्रम है, जिसके तहत पशुओं के गोबर, कृषि अवशेष, खाद्य अपशिष्ट और अन्य जैविक कचरे से बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस और जैविक खाद तैयार की जाती है। 

प्राकृतिक गैस के साथ मिलाकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाएगी कंप्रेस्ड बायोगैस 

इस योजना के तहत उत्पादित कंप्रेस्ड बायोगैस को प्राकृतिक गैस के साथ मिलाकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। मंत्रालय के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि योजना के तहत 6 मुख्य चीजें सुनिश्चित की जाएंगी। इनमें सीबीजी की सुनिश्चित खरीद, मूल्य निर्धारण व्यवस्था, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन ढांचा, ऋण गारंटी सहायता और सीबीजी पारिस्थतिकी चैलेंज फंड शामिल हैं। 

शहर गैस वितरण के साथ जोड़ी जाएगी गैस सप्लाई

नई व्यवस्था के तहत पात्र कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादक बिक्री के लिए उपलब्ध अपनी गैस की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद का विकल्प चुन सकते हैं। ये सुविधा तकनीकी और परिचालन व्यवहार्यता पर निर्भर होगी। गैस की सप्लाई को शहर गैस वितरण (CGD) कंपनियों और संबंधित भौगोलिक क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सीबीजी क्लस्टर के जरिए गैस को इकट्ठा कर उसे मुख्य पाइपलाइन में डालने की व्यवस्था भी की जाएगी। 

सीएनजी और पीएनजी की सप्लाई में निर्धारित अनुपात में करनी होगी सीबीजी की खरीद और बिक्री

कंप्रेस्ड बायोगैस कंपनियों को अपने सीएनजी ट्रांसपोर्ट और डोमेस्टिक पीएनजी की कुल गैस सप्लाई में निर्धारित अनुपात में सीबीजी की खरीद और बिक्री करनी होगी। ये दायित्व वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत होगा। 

सरकार ने तय किया 2110 रुपये प्रति इकाई का प्रशासित मूल्य

सरकार ने सीबीजी के लिए 2110 रुपये प्रति इकाई (MMBTU) का प्रशासित मूल्य तय किया है। 95 प्रतिशत मीथेन सामग्री के आधार पर ये करीब 98 रुपये प्रति किलोग्राम के बराबर है। इसमें टैक्स और कंप्रेशन शुल्क शामिल नहीं हैं। ये मूल्य कम से कम 31 मार्च, 2036 तक लागू रहेगा। हालांकि, सीबीजी उत्पादन की लागत, मुद्रास्फीति और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए इसमें भविष्य में बदलाव किया जा सकता है। 

ये भी पढ़ें

असम में अडाणी के 3200 MW थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास, जीत अडाणी बोले- 40,000 रोजगार के अवसर करेंगे पैदा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा