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World Bank हुआ हरियाणा पर मेहरबान, अगले 5 साल में पिछले 50 साल के बराबर देगा फंडिंग

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Nov 30, 2024 08:14 am IST,  Updated : Nov 30, 2024 08:14 am IST

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बयान में कहा कि राज्य जल्द ही विश्व बैंक की सहायता से एक वैश्विक कृत्रिम मेधा (AI) सेंटर बनेगा।

वर्ल्ड बैंक- India TV Hindi
वर्ल्ड बैंक Image Source : FILE

विश्व बैंक अगले पांच वर्षों में हरियाणा को पिछले 50 वर्षों के बराबर वित्तीय सहायता देगा। विश्व बैंक के भारत में निदेशक ऑगस्टे तानो कौमे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के दौरान शिक्षा, वायु गुणवत्ता प्रबंधन और परिवहन सहित विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की। विश्व बैंक की टीम ने यहां पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ एक अलग बैठक की। कैमे ने कहा, ''हरियाणा में, हमारे जुड़ाव का लंबा इतिहास रहा है। हम 1971 से हरियाणा को वित्तपोषण दे रहे हैं। हमने बिजली, ऊर्जा, पानी जैसे क्षेत्रों का समर्थन किया है।''

1 अरब डॉलर की फंडिंग

उन्होंने कहा, ''हमने पिछले 50 वर्षों में हरियाणा को एक अरब डॉलर का वित्तपोषण दिया है।'' आगामी वित्तपोषण के बारे में कौमे ने कहा, ''हमने पिछले 50 वर्षों में जितना वित्तपोषण दिया है, अगले पांच वर्षों में उतना ही देंगे। मैं इस बात को लेकर काफी उत्साहित हूं कि 2047 तक भारत को 'विकसित' बनाने में हरियाणा की बड़ी भूमिका के लिए हम मदद कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि हरियाणा को ऋण के रूप में सीधे दिए गए एक अरब डॉलर के अलावा राज्य को विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित अखिल भारतीय परियोजनाओं से भी लाभ हुआ है। सैनी ने एक बयान में कहा कि राज्य जल्द ही विश्व बैंक की सहायता से एक वैश्विक कृत्रिम मेधा (एआई) केंद्र बनेगा।

पंजाब ने मांगी वर्ल्ड बैंक से मदद 

उधर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वृद्धि तेज करने, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और नागरिकों के लिए जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए शुक्रवार को विश्व बैंक से सहायता मांगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने विश्व बैंक में भारतीय क्षेत्र के निदेशक ऑगस्ते तानो कॉमे के साथ एक बैठक के दौरान पंजाब के मजबूत सुधार एजेंडे को प्रदर्शित किया। इस बैठक में मान ने वित्तीय सहायता की तलाश में प्रमुख कारकों के रूप में राजकोषीय विवेक, बेहतर शासन और बढ़ी हुई सेवा वितरण पर ध्यान केंद्रित किया। मान ने कहा, "प्रस्तावित वित्तीय सहायता से पंजाब की वृद्धि प्राथमिकताओं का समर्थन करने की उम्मीद है, जिसमें बुनियादी ढांचा विकास, मानव संसाधन विकास और सामाजिक कल्याण पहल शामिल हैं।" कॉमे ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि पंजाब को विश्व बैंक से पहला कर्ज 1961 में मिला था और उसके बाद से अब तक राज्य को एक अरब डॉलर दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, "पंजाब में हमने राज्य के लिए मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षा पर चर्चा की। वह हमारे साथ एक शिक्षा परियोजना पर काम करने में रुचि रखते हैं।"

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