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भारत-ब्रिटेन के बीच 'ऐतिहासिक' फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा हुआ, व्हिस्की, कार समेत ये सामान होंगे सस्ते

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : May 06, 2025 10:41 pm IST,  Updated : May 06, 2025 10:49 pm IST

भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2023-24 में 21.34 अरब डॉलर रहा था। वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 10 महीनों में वस्तुओं का व्यापार 21.33 अरब डॉलर रहा।

FTA signed between India and UK- India TV Hindi
भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए हुआ Image Source : FILE

भारत और ब्रिटेन ने मंगलवार को एक ‘ऐतिहासिक’ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा कर लिया जो चमड़े, जूते एवं कपड़ों जैसे श्रम-बहुल उत्पादों के निर्यात पर शुल्क हटा देगा, जबकि ब्रिटेन से व्हिस्की एवं कारों का आयात सस्ता हो जाएगा। इस समझौते से वर्ष 2030 तक दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार दोगुना होकर 120 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है। दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था भारत और छठी बड़ी अर्थव्यवस्था ब्रिटेन ने तीन साल की बातचीत के बाद यह व्यापार समझौता पूरा कर लिया है। एफटीए लागू होने पर ब्रिटेन के बाजार में 99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर शुल्क शून्य हो जाएगा जबकि भारतीय श्रमिकों को ब्रिटेन की आव्रजन प्रणाली में बदलाव के बगैर ही यात्रा करने की अनुमति होगी। 

ब्रिटिश डेयरी उत्पादों, सेब, पनीर को शुल्क रियायत नहीं 

एफटीए के तहत डेयरी उत्पादों, सेब और पनीर जैसी संवेदनशील कृषि वस्तुओं पर आयात शुल्क में ब्रिटेन को कोई रियायत नहीं देगा। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि करीब 10 प्रतिशत शुल्क लाइनें संवेदनशील वस्तुओं की सूची में हैं। भारत और ब्रिटेन ने मंगलवार को एफटीए पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की।

दोनों देशों को होगा फायदा 

इसके अलावा भारतीय वस्त्र, फ्रोजन झींगे, आभूषण एवं रत्नों के निर्यात पर करों में कटौती की जाएगी। इसी तरह ब्रिटेन से व्हिस्की और जिन जैसी शराब किस्मों के आयात शुल्क में भी कटौती की जाएगी। दोनों पक्षों के कोटा के तहत वाहनों के आयात पर शुल्क 10 प्रतिशत हो जाएगा, जिससे टाटा-जेएलआर जैसी वाहन कंपनियों को लाभ होगा। ब्रिटेन में शून्य शुल्क पर प्रवेश करने वाले भारतीय उत्पादों में खनिज, रसायन, रत्न एवं आभूषण, प्लास्टिक, रबड़, लकड़ी, कागज, कपड़े, कांच, सिरेमिक, यांत्रिक एवं बिजली मशीनरी, हथियार/गोला-बारूद, परिवहन/वाहन, फर्नीचर, खेल के सामान, पशु उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ शामिल हैं। 

पीएम मोदी ने ‘ऐतिहासिक मील का पत्थर’ बताया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर से फोन पर बात होने के बाद इन समझौतों के संपन्न होने की घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘ऐतिहासिक मील का पत्थर’ बताते हुए कहा, ‘‘भारत और ब्रिटेन ने दोहरे अंशदान समझौते के साथ एक महत्वाकांक्षी एवं पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को सफलतापूर्वक संपन्न किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये ऐतिहासिक समझौते हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेंगे और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, विकास, रोजगार सृजन एवं नवोन्मेषण को बढ़ावा देंगे।’’ ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर ने भी इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों में कामकाजी लोगों और व्यवसायों को बेहतर बनाएगा। 

भारतीय पेशेवरों को होगा बड़ा फायदा 

दोनों देशों ने एफटीए के साथ दोहरे अंशदान समझौते पर भी बातचीत पूरी कर ली है। इससे ब्रिटेन में सीमित अवधि के लिए काम करने वाले भारतीय पेशेवरों द्वारा सामाजिक सुरक्षा कोष में दोहरे अंशदान से बचने में मदद मिलेगी। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘अस्थायी रूप से ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय श्रमिकों और उनके नियोक्ताओं को दोहरे अंशदान समझौते के तहत तीन साल की अवधि के लिए ब्रिटेन में सामाजिक सुरक्षा योगदान का भुगतान करने से छूट मिलने से भारतीय सेवा प्रदाताओं को महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ होगा।’’ हालांकि, भारत एवं ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर बातचीत अभी भी जारी है। पहले, तीनों समझौतों को एक साथ पूरा करने की योजना थी।

वाणिज्य मंत्रालय ने ऐतिहासित समझौता कहा 

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटेन के साथ एफटीए एक आधुनिक, व्यापक और ऐतिहासिक समझौता है, जो व्यापार उदारीकरण और शुल्क रियायतों के साथ गहन आर्थिक एकीकरण भी हासिल करना चाहता है। मंत्रालय ने कहा कि भारत को लगभग 99 प्रतिशत उत्पाद श्रेणियों पर शुल्क हटने से लाभ होगा, जो लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करता है। सेवाओं के मोर्चे पर भी भारत को सूचना प्रौद्योगिकी एवं संबंधित सेवाओं, वित्त, पेशेवर और शैक्षणिक सेवा जैसे क्षेत्रों में लाभ होगा। मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रतिभाशाली और कुशल भारतीय युवाओं के लिए ब्रिटेन में अपार अवसर खुलेंगे, जो अपने मजबूत वित्तीय एवं पेशेवर सेवा क्षेत्रों और उन्नत डिजिटल बुनियादी ढांचे के कारण डिजिटल सेवाओं के लिए एक प्रमुख वैश्विक केंद्र है।’’ 

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