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गोल्ड जूलरी की कीमत कैसे कैलकुलेट करते हैं ज्वैलर्स, क्या जानते हैं आप?

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : May 07, 2024 12:10 pm IST,  Updated : May 07, 2024 12:11 pm IST

Gold jewellery cost calculation : ज्वैलर्स गोल्ड जूलरी की कीमत कैलकुलेट करते समय उसमें सोने की शुद्धता के हिसाब से कीमत, मेकिंग चार्जेज, हीरे या नगीनों के चार्जेज, जीएसटी और हॉलमार्किंग चार्जेज शामिल करते हैं।

सोने की जूलरी- India TV Hindi
सोने की जूलरी Image Source : REUTERS

Gold Jewellery Price Calculation : सोने की कीमतें इस समय उच्च स्तर पर ट्रेड कर रही हैं। घरेलू सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने का भाव  72,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। जब ग्राहक जूलरी खरीदने ज्वैलर्स के पास जाते हैं, तो कीमतों को लेकर उनके मन में कहीं ना कहीं संदेह जरूर होता है। इसके लिये यह जानना जरूरी है कि ज्वैलर्स जूलरी पर कीमतों का कैलकुलेशन कैसे करते हैं। कई ऐसे फैक्टर हैं, जो जूलरी की खरीदार को पड़ रही कीमत को प्रभावित करते हैं। इनमें सोने की कीमत के अलावा मेकिंग  चार्जेज, ज्वैलरी में लगे हीरों या नगीनों की कीमत आदि शामिल होती हैं। ज्वैलर टू ज्वैलर सोने की कीमतों में भी थोड़ा अंतर होता है। क्योंकि इनकी सोना खरीदने की लागत (रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत आदि सहित) अलग-अलग होती है।

ज्वैलर्स कैसे तय करते हैं जूलरी की कीमत?

गोल्ड जूलरी की फाइनल प्राइस तय करने का एक फॉर्मूला है। यह है: जूलरी की फाइनल प्राइस = {सोने की कीमत*(ग्राम में वजन)} + मेकिंग चार्जेज + 3 फीसदी GST + हॉलमार्किंग चार्जेज। सोने की कीमत इसकी शुद्धता पर भी निर्भर करती है। 24KT, 22KT, 18KT या 14KT सोने की कीमतें अलग-अलग होंगी। सोना जितना प्योर होगा, कीमत उतनी ज्यादा होगी। 24 कैरेट गोल्ड सबसे महंगा होगा और 14 कैरेट सोना सबसे सस्ता होगा।

मेकिंग चार्जेज और GST

ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज भी लेते हैं, जिसे कुछ लो वेस्टेज चार्ज भी कहते हैं। आमतौर पर ये प्रति ग्राम आधार पर कैलकुलेट होते हैं या प्रतिशत आधार पर कैलकुलेट होते हैं। कुछ लोग दोनों का मिक्स भी यूज करते हैं। वे सोने की मौजूदा कीमत का 1 फीसदी लेते हैं  फिर प्रति ग्राम के आधार पर चार्ज करते हैं। उदाहरण के लिए- अगर 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 68,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है, तो मेकिंग चार्ज सोने की कीमत का 1 फीसदी प्रति ग्राम होगा। यानी यह 680 रुपये प्रति ग्राम होगा। अगर आप 10 ग्राम की गोल्ड चेन खरीदते हैं, तो मेकिंग चार्ज 6800 रुपये होगा। जीएसटी की बात करें, तो यह गोल्ड जूलरी की कुल कीमत (मेकिंग चार्जेज सहित) पर लगता है। सोने पर हॉलमार्किंग जरूरी हो गई है। इसलिए हॉलमार्किंग चार्ज भी लगता है।

ऐसे कैलकुलेट होती है कीमत

आइए एक उदाहरण से समझते हैं कि ज्वैलर्स जूलरी की कीमत कैसे कैलकुलेट करते हैं। मान लीजिए एक जूलरी शॉप में 22 कैरेट सोने की कीमत 65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है और 18 कैरेट सोने की कीमत 56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है।  एक खरीदार 11 ग्राम की 22 कैरेट गोल्ड वाली चेन खरीदता है और एक 3.5 ग्राम की 18 कैरेट गोल्ड वाली डायमंड रिंग खरीदता है। जूलरी शॉप में मेकिंग चार्ज 500 रुपये प्रति ग्राम फ्लैट रखा हुआ है। अब ये दोनों जूलरी अलग-अलग कैरेट गोल्ड की है, तो कैलकुलेशन भी डिफरेंट होगी।

  • गोल्ड चेन के मामले में 11 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 71,500 रुपये (Rs 6,500X11) होगी।
  • 11 ग्राम गोल्ड पर मेकिंग चार्ज 5500 रुपये (500X11) बनेगा।
  • इस तरह गोल्ड चेन की कुल कीमत 77,000 (Rs 71,500 + Rs 5,500) रुपये हो जाएगी।
  • अब इसमें 3 फीसदी जीएसटी के रूप में 2,310 (3% of Rs 77,000) जुड़ेंगे।
  • हॉलमार्किंग चार्ज 45 रुपये भी इसमें जुड़ेगा।
  • इस तरह फाइनल बिल 79,355 रुपये का बनेगा।

डायमंड रिंग की कीमत ऐसे होगी कैलकुलेट

  • 3.5 ग्राम 18 कैरेट गोल्ड वाली डायमंड रिंग में गोल्ड की कीमत 19,600 (Rs 5,600X3.5 grams) रुपये होगी।
  • 3.5 ग्राम गोल्ड पर मेकिंग चार्ज 1,750 (Rs 500*3.5 grams) रुपये बनेगा।
  • रिंग में डायमंड की कीमत 4,500 रुपये है।
  • इस तरह डायमंड रिंग की कुल कीमत 25,850 (Rs 19,600+1,750+4,500) रुपये हुई।
  • इसमें 3 फीसदी जीएसटी 776 (3% of Rs 25,850) रुपये हुआ।
  • हॉलमार्किंग चार्ज 45 रुपये हुआ। इस तरह डायमंड रिंग की कुल कीमत ग्राहक को 26,671 रुपये चुकानी होगी।
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