वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि शेयरहोल्डरों को डिविडेंड देना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है और प्रस्तावित डीमर्जर के बाद भी ग्रुप की कंपनियां अपने शेयरहोल्डरों को नियमित रूप से डिविडेंड देती रहेंगी। अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता ग्रुप अपने अलग-अलग बिजनेस में 20 अरब डॉलर के एक्सपेंशन प्रोग्राम को जारी रखेगा। मेटल से लेकर ऑयल तक के बिजनेस में शामिल वेदांता का डीमर्जर प्रत्येक बिजनेस को एक स्वतंत्र और पहचान देने, वैल्यूएशन उजागर करने और कैपिटल इंवेस्टमेंट के प्रोसेस को प्रभावित किए बिना कैश डिविडेंड जारी रखने के लिए किया जा रहा है।
डीमर्जर के बाद वेदांता लिमिटेड में रहेगा बेस मेटल का बिजनेस
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने मंगलवार को वेदांता को 5 अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने की योजना को मंजूरी दे दी थी। डीमर्जर के बाद बेस मेटल का बिजनेस वेदांता लिमिटेड में रहेगा, जबकि वेदांता एल्युमिनियम, तलवंडी साबो पावर, वेदांता स्टील एंड आयरन और माल्को एनर्जी (तेल और गैस) अन्य चार लिस्टेड कंपनियां होंगी। अनिल अग्रवाल ने कहा, "डिविडेंड देना मेरे विचार का हिस्सा है। चाहे कोई भी परिस्थिति हो, हमारी कंपनियां नियमित रूप से डिविडेंड जारी करती रहेंगी।"
वेदांता ने वित्त वर्ष 2024-25 में दिया था 46 रुपये का डिविडेंड
ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में शेयरहोल्डरों के लिए अभी तक प्रति शेयर पर 7 रुपये का पहला अंतरिम डिविडेंड और 16 रुपये का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी के शेयरहोल्डरों को प्रत्येक शेयर पर कुल 29.50 रुपये और 2024-25 में लगभग 46 रुपये डिविडेंड दिया गया था। चेयरमैन ने बताया कि डीमर्जर मार्च 2026 तक पूरा होने की योजना है। उन्होंने कहा कि अगले चार से पांच सालों में वेदांता अलग-अलग सेक्टरों में कुल 20 अरब डॉलर का निवेश करेगी। इसमें तेल और गैस तथा एल्युमिनियम में चार-चार अरब डॉलर, जस्ता और चांदी में दो अरब डॉलर, विद्युत उत्पादन में ढाई अरब डॉलर और बाकी निवेश लौह अयस्क, इस्पात और अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा।