1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. RBI ने रेट कट किया तो चमक जाएगा रियल एस्टेट सेक्टर, जानिए क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स

RBI ने रेट कट किया तो चमक जाएगा रियल एस्टेट सेक्टर, जानिए क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Jun 05, 2025 07:28 pm IST,  Updated : Jun 05, 2025 07:28 pm IST

रियल एस्टेट अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण चालक है, जिसका सीमेंट और इस्पात से लेकर फर्नीचर और साज-सज्जा तक 200 से अधिक क्षेत्रों से संबंध है।

रियल एस्टेट सेक्टर- India TV Hindi
रियल एस्टेट सेक्टर Image Source : FILE

आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले रियल एस्टेट कंपनियों ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो में कटौती की उम्मीद जतायी है। रियल एस्टेट सेक्टर के टॉप संस्थान क्रेडाई और नारेडको का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक शुक्रवार को रेपो रेट में कम से कम 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है। उद्योग संगठनों ने कहा कि इससे मकानों की मांग बढ़ने के साथ सेक्टर को गति मिलेगी। आरबीआई की दर तय करने वाली मौद्रिक नीति समिति की तीन-दिवसीय बैठक चार जून को शुरू हुई। केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार को बैठक के फैसले की घोषणा करेंगे।

0.50% रेट कट की उम्मीद

क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा, “हम रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। इससे हाउसिंग डिमांड में काफी बढ़ोतरी होगी।” उन्होंने कहा कि कम से कम 0.25 प्रतिशत की कटौती होनी चाहिए। पटेल ने कहा, “पिछले तीन महीनों में आवास की मांग थोड़ी धीमी रही है। इसलिए, दर में कटौती से बिक्री में सुधार करने में काफी मदद मिलेगी।” आरबीआई ने फरवरी और अप्रैल की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 0.25-0.25 प्रतिशत की कटौती की है। नारेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरि बाबू ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर हमेशा आरबीआई की मौद्रिक नीति पर कड़ी नजर रखता है, क्योंकि इसका आवास की मांग पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।

रियल एस्टेट का आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान

उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण चालक है, जिसका सीमेंट और इस्पात से लेकर फर्नीचर और साज-सज्जा तक 200 से अधिक क्षेत्रों से संबंध है। हरिबाबू ने कहा, “इसलिए, रेपो रेट में कटौती से न केवल आवास की मांग बढ़ेगी, बल्कि समग्र आर्थिक वृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा।” अंसल हाउसिंग के निदेशक कुशाग्र अंसल ने कहा, “आवास कर्ज की ईएमआई पर ब्याज दर में कटौती का सीधा असर पड़ता है। अगर आरबीआई फिर से कटौती करता है, तो मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना और आसान हो जाएगा। मासिक किस्त कम होगी तो लोगों के लिए निर्णय लेना भी आसान होगा। इससे बाजार में फ्लैट की मांग में वृद्धि आ सकती है।’’

2 साल से कर रहा अच्छा परफॉर्म

गौड़ ग्रुप के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ ने कहा, ‘‘रियल एस्टेट बाजार संभवत देश का सबसे बड़ा और महत्वपूर्व सेक्टर है और ये पिछले दो साल से अच्छा परफॉर्म कर रहा है। हमें इस बार भी रेपो रेट में में कुछ कटौती की उम्मीद है...।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रियल एस्टेट सेक्टर की रफ्तार काफी हद तक ब्याज दर पर टिकी होती है। अगर इस बार भी आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है, तो इसका सीधा फायदा बाजार को मिलेगा।’’ कृष्णा समूह और कृसुमी कॉरपोरेशन के चेयरमैन अशोक कपूर ने कहा, “आरबीआई ने अपनी पिछली नीति समीक्षा बैठक में उदार रुख अपनाया था और उम्मीद है कि हम फिर से कटौती देखेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टर्स को और राहत मिलेगी।” एआरआईपीएल के संस्थापक और प्रबंध निदेशक सुरेंद्र कौशिक ने कहा, ‘‘रेपो रेट में केवल एक प्रतिशत की कटौती भी 20 साल के होम लोन पर ग्राहकों को अच्छी-खासी बचत दिला सकती है। यह बचत घर खरीदारों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बनती है। इससे न केवल वे तेजी से निर्णय लेते हैं, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में उनका भरोसा भी मजबूत होता है, जो समग्र रूप से मांग को बढ़ावा देता है।"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

rbi