नासिक स्थित टीसीएस में मुस्लिम कर्मचारियों द्वारा हिंदू महिला कर्मचारियों के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन मामले में पुलिस अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बैंक खातों को खंगाल रही है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें इस अपराध के लिए पैसे मिले थे। सूत्रों ने मंगलवार को ये जानकारी दी। एसआईटी इस मामले की जांच कर रहा है। इस पूरे मामले में एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को टीसीएस की महिला मैनेजर की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी। जांचकर्ताओं के अनुसार अब तक 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)' के 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 6 पुरुष और 1 महिला है।
एक महिला आरोपी फरार
जांचकर्ताओं के मुताबिक एक अन्य महिला कर्मचारी फरार है। इस हफ्ते की शुरुआत में, पुलिस ने 8 महिला कर्मचारियों की शिकायतों की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया था। शिकायतकर्ताओं ने अपने सीनियर पर उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न करने तथा HR डिपार्टमेंट पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और महिला मैनेजर के रूप में हुई है, जिन्हें इस मामले के सामने आने के बाद में कंपनी से निलंबित कर दिया गया था।
टाटा भी कर रहा है मामले की जांच
टीसीएस ने रविवार को कहा कि कंपनी ने लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जोर-जबरदस्ती को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है। कंपनी ने नासिक में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है। सोमवार को 'टाटा संस' के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने यौन उत्पीड़न को 'बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक' बताया। उन्होंने बताया कि टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में इस मामले की गहन जांच चल रही है ताकि तथ्यों का पता लगाया जा सके और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा सके।