Tuesday, March 10, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. टैक्स सुधार और अनिवार्य बचत योजना पर नीति आयोग ने दिया जोर, कहा-बुजुर्गों के लिए आवास योजना जरूरी

टैक्स सुधार और अनिवार्य बचत योजना पर नीति आयोग ने दिया जोर, कहा-बुजुर्गों के लिए आवास योजना जरूरी

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman Published : Feb 19, 2024 06:42 pm IST, Updated : Feb 19, 2024 06:42 pm IST

नीति आयोग ने कहा कि साल 2050 तक देश में सीनियर सिटीजन की आबादी 19.5 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में इन बातों पर अभी से ध्यान देना बेहद जरूरी है।

 भारत में 75 प्रतिशत से अधिक बुजुर्ग पुरानी बीमारियों से पीड़ित हैं।- India TV Paisa
Photo:REUTERS भारत में 75 प्रतिशत से अधिक बुजुर्ग पुरानी बीमारियों से पीड़ित हैं।

नीति आयोग जिसे सरकारी थिंक टैंक के तौर पर भी जाना जाता है, ने देश में टैक्स सुधार और जरूरी सेविंग स्कीम पर जोर दिया। आयोग ने यह भी कहा कि सीनियर सिटीजन या बुजुर्गों के लिए आवासीय स्कीम पर काम करने की जरूरत है। भाषा की खबर के मुताबिक, नीति आयोग ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि साल 2050 तक देश में सीनियर सिटीजन की आबादी 19.5 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में इन बातों पर अभी से ध्यान देना बेहद जरूरी है।

एक राष्ट्रीय पोर्टल विकसित किया जाना चाहिए

खबर के मुताबिक,नीति आयोग ने भारत में वरिष्ठ देखभाल सुधार - वरिष्ठ देखभाल प्रतिमान की पुनर्कल्पना' टाइटल वाली एक रिपोर्ट में, कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध करने के लिए एक राष्ट्रीय पोर्टल विकसित किया जाना चाहिए। चूंकि भारत में सामाजिक सुरक्षा ढांचा सीमित है, इसलिए ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक अपनी बचत से जेनरेट इनकम पर निर्भर हैं। बदलती हुई ब्याज दरों के चलते उनकी आय में कमी आती है, कभी-कभी तो यह जीविका के लेवल से भी नीचे चली जाती है।

एक नियामक तंत्र की जरूरत

आयोग ने कहा है कि वरिष्ठ नागरिक जमा पर हासिल ब्याज के लिए एक प्रैक्टिकल बेस रेट तय करने के लिए एक नियामक तंत्र की जरूरत है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि वृद्ध महिलाओं को और छूट देने से उनकी वित्तीय भलाई में योगदान मिलेगा। भारत में मौजूदा समय में बुजुर्गों की आबादी 10 प्रतिशत से कुछ ज्यादा है। इसमें यह भी सुझाव दिया गया है कि सरकार को वरिष्ठ नागरिकों के लिए तरलता बढ़ाने के लिए रिवर्स मॉर्टगेज सिस्टम का रिव्यू करना चाहिए और वर्तमान रिवर्स मॉर्टगेज नियमों में जरूरी संशोधन करना चाहिए।

टैक्स और जीएसटी सुधार

वरिष्ठ देखभाल उत्पादों को अपनाने में आसानी बढ़ाने और बुजुर्ग आबादी को वित्तीय बोझ से बचाने के लिए कर और जीएसटी सुधार आदि की जरूरत है। जनसंख्या की उम्र बढ़ना एक वैश्विक घटना है, और दुनिया भर में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट में बुजुर्गों की गैर-वहन श्रेणी को उनकी सुविधाओं में प्रदान की जाने वाली देखभाल के लिए राष्ट्रीय निधि में योगदान के रूप में सीएसआर फंड निर्धारित करने का भी आह्वान किया गया है। भारत में 75 प्रतिशत से अधिक बुजुर्ग पुरानी बीमारियों से पीड़ित हैं और ये आंकड़े भारत में घर-आधारित देखभाल बाजार की क्षमता का संकेत देते हैं।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement