1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. पान मसाला पैक को लेकर आया सरकार का नया निर्देश, कंपनियों को करना होगा ये काम, आपके लिए जानना जरूरी

पान मसाला पैक को लेकर आया सरकार का नया निर्देश, कंपनियों को करना होगा ये काम, आपके लिए जानना जरूरी

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Dec 03, 2025 06:14 pm IST,  Updated : Dec 03, 2025 06:14 pm IST

उपभोक्ता मामलों के विभाग के निर्देश के में कहा गया है कि 10 ग्राम या उससे छोटे पैक पर भी रिटेल सेल प्राइस और सभी अनिवार्य डिक्लेरेशन स्पष्ट रूप से प्रिंट करने होंगे।

नया नियम लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के तहत संशोधित किया गया है।- India TV Hindi
नया नियम लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के तहत संशोधित किया गया है। Image Source : जीएसटी काउंसिल की वेबसाइट

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने पान मसाला कंपनियों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया है। अब किसी भी साइज़ या वजन के पान मसाला पैकेट पर रिटेल सेल प्राइस और अन्य सभी अनिवार्य विवरणों को स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह नियम लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के तहत संशोधित किया गया है और 1 फरवरी 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। इस तारीख से सभी निर्माता, पैकर और आयातक इसका पालन करेंगे। ऐसे में अगर आप भी पान मसाला खाते हैं तो आपको भी कीमतों को लेकर अब ध्यान देना होगा।

10 ग्राम से कम वाले पैकेटों की छूट खत्म

इस संशोधन का सबसे बड़ा प्रभाव छोटे पैकेटों पर पड़ेगा। पुरानी व्यवस्था में 10 ग्राम या उससे कम वजन वाले छोटे पैकेटों को कुछ घोषणाओं से छूट मिली हुई थी। नई व्यवस्था के तहत यह छूट अब पूरी तरह से वापस ले ली गई है। अब 10 ग्राम या उससे छोटे पैक पर भी रिटेल सेल प्राइस और सभी अनिवार्य डिक्लेरेशन स्पष्ट रूप से प्रिंट करने होंगे। सरकार ने अधिसूचना (GSR 881(E)) जारी कर रूल 26(a) के तहत पुराने प्रावधान को हटाकर पान मसाला के लिए यह नया नियम जोड़ा है।

उपभोक्ताओं और GST पारदर्शिता पर जोर

विभाग ने इस कदम के पीछे दो मुख्य उद्देश्य बताए हैं:

1. उपभोक्ता सुरक्षा और भ्रामक मूल्य निर्धारण पर रोक

यह कदम उपभोक्ताओं को पारदर्शी कीमत की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है। इसका लक्ष्य छोटे पैकेटों पर भ्रामक मूल्य निर्धारण को रोकना है, जिससे उपभोक्ता अधिक सूचित और सही निर्णय ले सकें।

2. GST और राजस्व संग्रह में सहूलियत

सभी पैकेटों पर RSP अनिवार्य होने से पान मसाला पर RSP-आधारित GST संरचना को लागू करना आसान हो जाएगा, जिससे जीएसटी परिषद के फैसलों का प्रभावी क्रियान्वयन होगा। टैक्स असेसमेंट में पारदर्शिता आएगी और राजस्व संग्रह में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा