1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. RBI मीटिंग, US-ईरान तनाव से लेकर क्रूड ऑयल तक, इस हफ्ते शेयर बाजार का गेम बदल सकते हैं ये 5 फैक्टर्स

RBI मीटिंग, US-ईरान तनाव से लेकर क्रूड ऑयल तक, इस हफ्ते शेयर बाजार का गेम बदल सकते हैं ये 5 फैक्टर्स

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Apr 05, 2026 08:57 am IST,  Updated : Apr 05, 2026 08:57 am IST

भारतीय शेयर बाजार लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है। बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है और निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ग्लोबल तनाव, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे कई बड़े फैक्टर इस हफ्ते बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

शेयर बाजार का हाल- India TV Hindi
शेयर बाजार का हाल Image Source : ANI

भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। निफ्टी और सेंसेक्स लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक तनाव और घरेलू कारणों की वजह से बाजार में जबरदस्त बेचैनी देखी गई। लेकिन अब सबकी नजरें आने वाले हफ्ते पर टिकी हैं। इस हफ्ते पांच ऐसे बड़े ट्रिगर्स हैं, जो तय करेंगे कि आपके पोर्टफोलियो में हरियाली आएगी या लाल निशान।

1. RBI की पहली MPC मीटिंग (6-8 अप्रैल)

नए वित्त वर्ष (2026-27) की पहली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक सोमवार से शुरू हो रही है। बुधवार, 8 अप्रैल को आरबीआई गवर्नर अपने फैसलों का ऐलान करेंगे। बाजार को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल के दबाव के बीच आरबीआई ब्याज दरों और लिक्विडिटी को लेकर क्या रुख अपनाता है। निवेशकों के लिए यह इस हफ्ते की सबसे बड़ी घटना होगी।

2. US-ईरान युद्ध की आहट और ट्रंप की चेतावनी

पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष छठे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और अब यह और भी खतरनाक मोड़ पर है। ईरान द्वारा दो अमेरिकी विमानों को गिराए जाने की खबरों के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर 48 घंटों के भीतर समझौता नहीं हुआ या होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुला, तो ईरान को भारी अंजाम भुगतना होगा। इस तनाव का सीधा असर ग्लोबल मार्केट की सेंटिमेंट पर पड़ेगा।

3. कच्चे तेल की बेकाबू कीमतें

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन टूट गई है। शनिवार को ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। आपको बता दें कि युद्ध शुरू होने से पहले यह 72 डॉलर के करीब था, यानी इसमें 50% से ज्यादा की उछाल आ चुकी है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का महंगा होना भारतीय बाजार के लिए बड़ा खतरा है।

4. रुपये की चाल और RBI का दखल

पिछले हफ्ते भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 94.84 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, आरबीआई द्वारा बैंकों की गतिविधियों पर लगाम लगाने और कुछ सुधारात्मक कदम उठाने के बाद गुरुवार को इसमें 152 पैसे की बड़ी रिकवरी देखी गई और यह 93.18 पर बंद हुआ। इस हफ्ते भी रुपये की अस्थिरता और आरबीआई के हस्तक्षेप पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।

5. विदेशी निवेशकों (FIIs) की रिकॉर्ड बिकवाली

मार्च का महीना भारतीय बाजार के लिए ब्लैक मार्च साबित हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार से रिकॉर्ड ₹1.22 लाख करोड़ निकाल लिए। यह अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिकवाली है। अगर इस हफ्ते भी FIIs की बिकवाली जारी रहती है, तो बाजार में रिकवरी की उम्मीदें कम हो सकती हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा