1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. अफवाहों से मचा हड़कंप, लेकिन सच कुछ और! भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस को लेकर सरकार का बड़ा दावा

अफवाहों से मचा हड़कंप, लेकिन सच कुछ और! भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस को लेकर सरकार का बड़ा दावा

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Mar 27, 2026 05:56 pm IST,  Updated : Mar 27, 2026 05:56 pm IST

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल और गैस को लेकर अफवाहों का दौर जारी है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और गैस सिलेंडर के लिए तड़के सुबह से लोग अब भी लाइन पर लग रहे हैं। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और हालात पूरी तरह कंट्रोल में हैं।

लंबी कतारें, घबराए...- India TV Hindi
लंबी कतारें, घबराए लोग... लेकिन सच्चाई कुछ और! Image Source : PTI

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी (LPG) की कमी को लेकर तरह-तरह की अफवाहें उड़ रही हैं। इन अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें और लोगों के बीच घबराहट का माहौल देखा गया। लेकिन क्या वाकई देश में ईंधन का संकट है? इस पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने स्थिति साफ करते हुए एक बेहद राहत भरी खबर दी है। सरकार का दावा है कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक है और घबराने की कोई बात नहीं है।

सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $70 से बढ़कर $100 के पार पहुंच गई हैं, लेकिन भारत ने इसके लिए पहले से ही पुख्ता तैयारी कर रखी है। सरकार के पास कच्चे तेल का इतना भंडार है कि अगले दो महीनों तक सप्लाई में कोई बाधा नहीं आएगी। देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता या उससे भी ज्यादा पर काम कर रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कमर्शियल गैस सप्लाई को लेकर बड़ा फैसला

भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% एलपीजी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते करता है, जो फिलहाल तनाव का केंद्र बना हुआ है। इसे देखते हुए सरकार ने अपनी स्ट्रैटेजी बदली है:

  • घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता: पहले आम जनता के किचन की गैस को सुरक्षित किया गया।
  • कमर्शियल सप्लाई की बहाली: शुरुआत में कमर्शियल सप्लाई रोकी गई थी, जिसे अब धीरे-धीरे बढ़ाकर 70% तक कर दिया गया है।
  • छोटे व्यापारियों का ध्यान: सरकार ने सुनिश्चित किया है कि ढाबों, रेस्तरां, होटलों और औद्योगिक कैंटीनों को गैस की कमी न हो।

प्रवासी मजदूरों और उद्योगों को राहत

सरकार ने इस संकट के समय में समाज के हर तबके का ध्यान रखा है। मंत्रालय के अनुसार, प्रवासी मजदूरों के लिए 30,000 छोटे (5 किलो वाले) सिलेंडर बांटे गए हैं। इसके अलावा, स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और केमिकल जैसे प्रमुख उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई दी जा रही है ताकि देश की आर्थिक रफ्तार न थमे।

पड़ोसी देशों से बेहतर है भारत के हालात

सुजाता शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि जहां भारत के कई पड़ोसी देशों में ईंधन की भारी किल्लत है और वहां कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं भारत में सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नहीं बढ़ने दिया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा